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सेल्यूटः 94 की उम्र में हॉकी लीजेंड बलबीर सिंह सीनियर ने कार्डियक फेल्योर को दी मात, ICU से बाहर आए

Thu, 15 Nov 2018 09:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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बलबीर सिंह सीनियर - फोटो : फाइल फोटो
हॉकी लीजेंड बलबीर सिंह सीनियर का जज्बा 94 साल की इस उम्र में भी कमाल का है। एक महीने से आईसीयू में थे और कार्डियक फेल्योर को मात दे दी।  
 
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Balbir Singh Senior (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
करीब एक महीने से पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती हॉकी लीजेंड बलबीर सिंह सीनियर की सेहत में अब काफी सुधार हो गया है। मंगलवार को उन्हें वेंटिलेटर और आईसीयू से निकालकर प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। उनकी सेहत सुधार होने पीछे उनका खुद का जज्बा, डाक्टरों की मेहनत और परिवार की सकारात्मक सोच ने बड़ा काम किया वरना इस उम्र में आकर किसी व्यक्ति को वेंटिलेटर लगाकर उसे हटाना नामुमकिन जैसा होता है। 
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Balbir Singh Senior - फोटो : अमर उजाला
निमोनिया और कार्डियक फेल्योर की शिकायत पर 94 वर्षीय बलबीर सिंह को अक्तूबर के पहले हफ्ते में पीजीआई दाखिल कराया गया था। उसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर पर रखा गया था। हालांकि डाक्टर अभी यह बता पाने में असमर्थ हैं कि उन्हें पीजीआई से छुट्टी कब तक मिलेगी। उन्हें दवाओं के साथ अब नर्सिंग केयर की जरूरत है।

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हॉकी लीजेंड बलबीर सिंह सीनियर
सांस लेने के लिए बाइपेप मशीन फिट की गई 
उम्र अधिक होने के कारण सीनियर को अभी भी सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है। खासकर रात के वक्त। इसलिए उन्हें बाइपेप मशीन का सपोर्ट दिया गया है। उनके गले में छोटा सा छेद कर मशीन फिट की गई है। पूरी रात बाइपेप मशीन से वह सांस लेते हैं जबकि दिन में बिना मशीन के। इस मशीन का मुख्य काम सांस लेने में पेशेंट की मदद करना होता है। पेशेंट के इसके माध्यम से आसानी से अपनी सांस लेने में सक्षम हो जाता है।

 
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हॉकी लीजेंड बलबीर सिंह सीनियर
 मशीन के कारण वे बोलने में असमर्थ हैं। उनकी सेहत में सुधार के साथ उनकी यह मशीन भी हटा दी जाएगी। उनकी हार्ट बीट को भी कंट्रोल कर लिया गया है। डाक्टरों ने बताया कि ज्यादा देर तक आईसीयू में लेटे होने से उनकी मांसपेशियों में कमजोरी आई है इसलिए अब उन्हें नर्सिंग केयर की ज्यादा जरूरत है। बेड पर ज्यादा देर तक रहने से उन्हें बेडशोर होने का भी खतरा है।
 
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Balbir Singh Senior
सीनियर की फिटनेस और परिवार का सपोर्ट ने निभाया बड़ा रोल : डॉक्टर 
पीजीआई के पल्मोनेरी डिपार्टमेंट के एचओडी प्रो. आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि बलबीर सिंह सीनियर को दो हफ्ते पहले वेंटिलेटर से हटा लिया गया था। उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा आया है। उनके स्थिर होने के पीछे उनका फिटनेस और परिवार का सपोर्ट काफी अहम रहा है। परिजनों की सोच काफी पाजीटिव रही है। इसका काफी फर्क पड़ता है।
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