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बीजिंग विंटर ओलंपिक: विवाद, डोपिंग और खराब व्यवस्था से भरा रहा शीतकालीन खेल, देखें PHOTOS

Tue, 22 Feb 2022 08:26 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जापान के स्नोबोर्डर अयूम हिरोनो ने पुरुषों की हॉफपाइप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, लेकिन जज के विवादित फैसले के  कारण उन्हें पहला स्थान नहीं दिया गया। ऐसे ही कई विवाद इस साल शीतकालीन खेल में देखने को मिले।
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बीजिंग विंटर ओलंपिक - फोटो : सोशल मीडिया
हर चार साल में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक में दुनिया भर के एथलीट अपनी जबरदस्त प्रतिभा के साथ खेल का प्रदर्शन करते हैं। लेकिन 2022 में आयोजित बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक विवादों से भरा रहा। इस बार शीतकालीन ओलंपिक इतिहास में पहली बार डोपिंग प्रकरण सामने आया, वहीं कोविड प्रोटोकाल नियमों के तहत चीन की कठिन बायो-बबल नीति से खिलाड़ी परेशान भी हो गए। 

जज ने कई विवादित फैसले भी दिए। सबसे विवादित मामला ओलंपिक के सेरेमनी में सामने आया, जब चीन ने उस व्यक्ति को ओलंपिक मशाल थमाई, जो भारत के लद्दाख क्षेत्र में स्थित गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों से हुई झड़प में गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद भारत ने राजनयिक तौर पर उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया। 

अब ओलंपिक समिति की सालाना बैठक की मेजबानी भारत को मिल चुकी है। अगले साल मुंबई में इस बैठक का आयोजन होगा। यह सिर्फ दूसरा मौका होगा, जब भारत में ओलंपिक समिति की बैठक होगी। इससे पहले साल 1983 में ओलंपिक समिति की बैठक हुई थी। 



खेल के कुछ सबसे बड़े विवादों पर नजर-
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उइगर एथलीट ने ओलंपिक की लौ जलाई

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बीजिंग विंटर ओलंपिक - फोटो : सोशल मीडिया
शिनजियांग के 20 वर्षीय डिनिगीर यिलमुजियांग ने उद्घाटन समारोह में ओलंपिक लौ जलाई। चीन सरकार जिस तरह से मुस्लिम अल्पसंख्यक समूह उइगर के साथ व्यवहार करती है। इस प्रकरण के बाद अमेरिका ने इसकी कड़ी निंदा की। चीन में उइगर अल्पसंख्यक की हालत कितनी खराब है, यह पूरी दुनिया को पता है।
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अधिकारों के हनन के आधार पर बहिष्कार की घोषणा की

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बाइडन और जिनपिंग - फोटो : पीटीआई
चीन में अधिकारों के हनन का हवाला देकर अमेरिका ने राजनयिक बहिष्कार की घोषणा की। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और कनाडा ने भी इसका  पालन किया। हालांकि, बीजिंग सरकार ने दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार किया। भारत ने भी गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों से हुई झड़प में घायल चीन कमांडर से मशाल थमाने के विरोध में राजनयिक बहिष्कार का फैसला किया।

खराब खाने और व्यवस्था पर उठे सवाल

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बीजिंग विंटर ओलंपिक - फोटो : सोशल मीडिया
रूस की वेलेरिया वासनेत्सोवा ने ओलंपिक में दो बार कोविड परीक्षण में पॉजिटिव पाई गई और उन्हें प्रतियोगिता से हटा दिया गया। 24 वर्षीय खिलाड़ी ने इंस्ट्राग्राम पर कहा कि जो खाना दिया गया था, वह खाने योग्य नहीं था। उस खाने की वजह से उनकी तबीयत खराब हो गई। वहीं आरओसी बायथलॉन टीम के प्रवक्ता सर्गेई एवरीनोव ने कहा कि कई एथलीट ने जब खाने से मना किया, तब भोजन में सुधार हुआ।

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कोविड पॉजिटिव होने पर अमेरिकी एथलीट को प्रतियोगिता से हटाया

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बीजिंग विंटर ओलंपिक - फोटो : सोशल मीडिया
अमेरिकी के विंसेंट झोउ एथलीट को कोविड पॉजिटिव होने पर प्रतियोगिता से हटा दिया गया। 21 वर्षीय खिलाड़ी ने टेस्ट से एक दिन पहले वह फ्री स्केट स्पर्धा में तीसरे स्थान पर थे। उन्हें बिना पदक दिए खेल से हटा दिया गया।
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जज ने दिए विवादास्पद फैसले

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बीजिंग विंटर ओलंपिक - फोटो : सोशल मीडिया
जापान के स्नोबोर्डर अयूम हिरोनो ने पुरुषों की हॉफपाइप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, लेकिन जज के विवादित फैसले के  कारण उन्हें पहला स्थान नहीं दिया गया। 23 वर्षीय खिलाड़ी ओलंपिक इतिहास में पहली ट्रिपल कार्क का शिकार किया, लेकिन जज ने उसे केवल 91.75 स्कोर ही दिया। जो पहले स्थान के लिए उपयुक्त नहीं था। स्कोरिंग प्रक्त्रिस्या में गलत विसंगति के कारण वह पहली दौड़ में पदक नहीं ले सके। हालांकि तीसरी दौड़ में उन्होंने 96 स्कोर हासिल कर स्वर्ण जीता। मैच के बाद उन्होंने कहा कि खेल में जज के गलत निर्णयों पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
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डोपिंग कांड के बीच कामिला को स्पर्धा में भाग लेने की मिली मंजूरी

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बीजिंग विंटर ओलंपिक - फोटो : सोशल मीडिया
रूसी ओलंपिक समिति की ओर से 15 वर्षीय कामिला वलीवा डोपिंग जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें पोडियम पर खड़े होने से रोक दिया गया। खेल पंचाट ने इस मामले में सुनवाई के बाद कामिला को स्पर्धा में भाग लेने की मंजूरी दे दी। हालांकि, उनके जीते हुए स्वर्ण पदक पर अभी फैसला आईओसी ने नहीं किया, जिस वजह से बाकी अन्य खिलाड़ियों को भी पदक नहीं मिल सका।
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