खुश रहना इंसान का स्वभाव होता है। यही वजह है कि एक छोटा बच्चा जिंदगी की शुरुआत में सबसे ज्यादा खुश रहता है। लेकिन बढ़ती उम्र में परिवार, समाज के विचारों, दबावों की वजह से दिलो-दिमाग पर जो प्रभाव पड़ता है, उससे खुश रहने की इंसानी आदत कहीं गुम होती जाती है। आज वैज्ञानिक भी खुश होने को स्वास्थ्य और जिंदगी के लिए बेहद जरूरी मानते हैं और अभ्यास,ध्यान, हंसी जैसे तरीकों को खुशी के तौर पर अपनाने की सलाह देते हैं।