शक्ति का पूजक था रावण- रावण मानता था कि शक्ति ही सबकुछ होता है। ताकत से दुनिया की हर चीज को प्राप्त की जा सकती है। रावण को अपनी शक्ति पर बहुत घमंड था जिसे शिव जी ने तोड़ दिया था। दरअसल शक्तियां दो तरह की होती हैं। एक दिव्य और दूसरी मायावी रावण मायावी शक्तियों का स्वामी था, लेकिन भगवान शंकर ने उसके शक्तियों के घमंड को तोड़ दिया था।