फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Putrada Ekadashi 2020: भगवान विष्णु से सीखें सफलता के मूल मंत्र

Mon, 06 Jan 2020 07:41 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान विष्णु को परमेश्वर के तीन मुख्य रूपों में से एक माना जाता है। उन्हें विश्व का पालनहार माना जाता है। वे त्रिमूर्ति का अहम हिस्सा हैं और सर्वव्याप्त है। धरती पर रहने वाले समस्त जीवों के आश्रय होने की वजह से उन्हें नारायण भी कहा जाता हैं। कहते है विश्व भगवान विष्णु की शक्ति से ही चल रहा है। अपने चारों हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण करते हैं। उनका निवास स्थान क्षीरसागर में है। 
विज्ञापन

2 of 5
परोपकार करें अपेक्षा नहीं 
  • हम जब किसी पर कुछ उपकार करते हैं तो बदले में उम्मीद रखते हैं कि वो भी हमारी मदद करेगा। परंतु विष्णु-पुराण के अनुसार भगवान विष्णु ने कहा है कि हमें उपकार करते रहने चाहिए उसके बदले में किसी तरह कि कोई अपेक्षा नहीं होनी चाहिए।  
विज्ञापन

3 of 5
सामाजिक सुधार करें 
  • धार्मिक कथाओं में वर्णन है जब-जब धरती पर पाप बढ़े तब-तब भगवान विष्णु ने समाज-सुधार के लिए अवतार लिए है। उन्होंने सामाजिक हित हमेशा सर्वोपरि रखा। हमें भी अपना सामाजिक दृष्टिकोण बेहतर रखना चाहिए। 

4 of 5
संयम बनाए रखना 
  • कथाओं अनुसार असुरों ने जब भी विनाश करना प्रारंभ किया। देवतागणों ने विष्णु भगवान की शरण ली। उन्होंने सबसे पहला संदेश ही धैर्य रखने का दिया। धैर्यतापूर्ण ही संसार का कल्याण किया। हमें भी जीवन में धैर्य नहीं खोना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य रखकर ही सामना करना चाहिए।   
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जीवनसाथी का सम्मान
  • आजकल जहां शादियां महज कुछ वर्षो में टूट जाती है ठीक उसके विपरीत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का जिक्र हर धार्मिक कथाओं में हैं। रिश्ते में सम्मान इतना है कि दो होकर भी ये एक है, इसलिए इन्हे श्रीलक्ष्मीनारयण भगवान भी बोला जाता हैं। हमें भी जीवनसाथी का पूरा सम्मान करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें