प्रेमानंद महाराज
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प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, नारायण के बिना लक्ष्मी का कोई अस्तित्व नहीं है, क्योंकि वे परम सत्ता के अंश हैं। लक्ष्मीजी का वास हमेशा नारायण के पास ही होता है। एक भक्त की तरह, हमें दोनों का सम्मान करना चाहिए।
लक्ष्मी और नारायण का संबंध: महाराज के अनुसार, लक्ष्मी और नारायण अविभाज्य हैं। लक्ष्मी धन और समृद्धि की देवी हैं और नारायण परम पुरुष हैं।
एक-दूसरे के पूरक: महाराज ने इस कहानी के माध्यम से समझाया है कि नारायण और लक्ष्मीजी एक-दूसरे के पूरक हैं। एक के बिना दूसरे का कोई महत्व नहीं है। नारायण के बिना भी संसार चल सकता है, पर लक्ष्मीजी के बिना लोग नारायण का नाम भी नहीं लेते।
समृद्धि और भक्ति: महाराज के अनुसार, जब हम नारायण की भक्ति करते हैं, तो लक्ष्मीजी स्वतः ही प्रसन्न होती हैं और हमारे जीवन में समृद्धि आती है। हमें लालच देकर भगवान से कुछ मांगना नहीं चाहिए, बल्कि उनसे अपनापन और हक से मांगना चाहिए।
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