विदुर नीति: शक्ति के अनुसार दान और कृतज्ञता दिखने वाला व्यक्ति ही ज्ञानी है।
- फोटो : istock
अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति
प्रज्ञा च कौल्यं च दमः श्रुतं च।
पराक्रमश्चाबहुभाषिता च
दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।।
अर्थ: जिस मनुष्य के अंदर बुद्धि, कुलीनता, इन्द्रियनिग्रह, शास्त्रज्ञान, पराक्रम, अधिक न बोलना, शक्ति के अनुसार दान और कृतज्ञता करना जैसे आठ गुण है ऐसा ही मनुष्य ज्ञानी कहलाता है और जीवन में उसकी ख्याति बढ़ती है।