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चाणक्य नीति: ऐसे व्यक्तियों से रहना चाहिए कोसों दूर अन्यथा उठाना पड़ता है नुकसान

Mon, 21 Jun 2021 10:16 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान और महान विभूति थे। इसी के साथ ये एक योग्य शिक्षक भी थे। इन्होंने विश्वप्रसिद्ध विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और वहीं पर आचार्य के पद पर रहकर विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। इनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा अध्ययन अध्यापन में व्यतीत हुआ। इनको विभिन्न विषयों का गहन ज्ञान था इसी के साथ इनको व्यवहारिक जीवन की भी बहुत अच्छी समझ थी, क्योंकि इन्होंने अपने जीवन में अच्छी और बुरी दोनों परिस्थितियों का अनुभव था। इन्होंने निस्वार्थ भाव से अपने गहन अध्ययन, ज्ञान और जीवन के अनुभव को लोगों के कल्याण के लिए ग्रंथो में उद्धृत किया है। नीतिशास्त्र में इनके अनुभव और ज्ञान दोनों का संगम है। आचार्य चाणक्य की नीतियां मनुष्य के जीवन के हर पहलु पर प्रकाश डालती हैं। यही कारण है कि इतने वर्ष बीत जाने के पश्चात भी आज के समय में चाणक्य की नीतियां लोगों को सही राह दिखाती हैं। आचार्य चाणक्य नें निजी जीवन से लेकर आर्थिक और सामाजिक हर पहलू पर जीवन को बेहतर बनाने के लिए महत्पूर्ण सुझाव दिए हैं। इनकी नीतियां भले ही लोगों को कठोर लगती हैं लेकिन ये मनुष्य को जीवन की सत्यता से अवगत कराती हैं। आचार्य चाणक्य ने तीन ऐसे लोगों के बारे में बताया है जिनसे सदैव दूरी बनाकर रखनी चाहिए। ये लोग स्वयं का तो नुकसान करते ही हैं साथ ही आपका भी नुकसान करते हैं। तो चलिए जानते हैं विस्तार से।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
मूर्ख व्यक्ति से रहें दूर  
आचार्य चाणक्य के अनुसार मनुष्य को मूर्ख व्यक्ति से सदैव दूर रहना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को कभी उसके भले के लिए ज्ञान नहीं देना चाहिए। मूर्ख व्यक्ति भलाई के लिए दिए गए ज्ञान को भी अपने कुतर्कों के आगे मूल्यविहीन समझता है और बिना बात के तर्क-वितर्क करता रहता है, जिससे ज्ञानी व्यक्ति का बहुमूल्य समय नष्ट होता है, इसलिए ऐसे मूर्खों से दूर रहना ही बेहतर होता है।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
बुरे चरित्र वाला व्यक्ति से हमेशा रहें कोसों दूर
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि बुरे चरित्र वाले व्यक्ति से सदैव दूर रहना चाहिए। ऐसे लोगों के कारण आप संकट में फंस सकते हैं साथ ही समाज में आपके मान-सम्मान को भी क्षति पहुंचती है। ऐसे लोगों के साथ रहने से आप भी अपने धर्म के मार्ग से विमुख हो सकते हैं इसलिए ऐसे लोगों से सदैव कोसों दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
हमेशा बिना वजह दुखी रहने वाला व्यक्ति
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति हर बात पर दुखी होता रहता है और अपने जीवन में किसी भी चीज से संतुष्च नहीं रहता है, ऐसे लोगों से सदैव दूर बनाकर रखनी चाहिए। ये लोग भाग्य को कोसते रहते हैं और दूसरों को देखकर ईर्ष्या के कारण दुखी होते रहते हैं। इस तरह के लोगों से दूर रहने में ही भलाई रहती है।
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