Chanakya Niti about Women
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उपरोक श्लोक प्रथम अध्याय का पंचम श्लोक है। इस श्लोक के अनुसार ज्यादा बोलने वाली, दुराचारिणी स्त्री और धूर्त, दुष्ट स्वभाव के नौकर और ऐसे घर में निवास जहां सांप के होने की संभावना है , कठोर वचन वाला मित्र, ये सब बातें मृत्यु के समान हैं।
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस घर में स्त्रियां चरित्रहीन होती हैं, वहां घर के मुखिया की स्थिति एक मृतक के समान होती हैं। दरअसल घर का मुखिया कुछ कर नहीं पाता और कुढ़ता रहते है। इसी प्रकार यदि आपका कोई खास मित्र है लेकिन उसका स्वभाव अच्छा नहीं है या वह भी कुटिल स्वभाव का व्यक्ति है तो उस पर कभी विश्वास न करें। ऐसा मित्र कभी भी धोखा दे सकता है। आपके अधीनस्थ काम करने वाला आपका कर्मचारी या कोई नौकर आपको पलट कर जवाब दे तो ऐसा व्यक्ति आपको कभी भी नुकसान पहुंचा सकता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे कि आप किसी सांप के साथ रह रहे हैं और आप जाने कब सर्पदंश का शिकार हो जाएं।