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Chanakya Niti: स्त्री और धन में से किसे चुनना चाहिए, जानिए क्या कहती है चाणक्य नीति

Tue, 12 Jul 2022 12:54 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Chanakya Niti about Women - फोटो : अमर उजाला
Chanakya Niti about Women: कुशल कूटनीतिज्ञ, रणनीतिकार और अर्थशास्त्री आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र में मनुष्य के जीवन से जुड़ी तमाम बातों के बारे में जिक्र किया है। उन्होंने अपनी नीति शास्त्र के जरिए सफल दांपत्य जीवन के लिए कई सुझाव दिए हैं। चाणक्य नीति में पति और पत्नी को रिश्ते में मधुरता बनाए रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन गलतियों से से बचना चाहिए इसका भी जिक्र किया है। इसके अलावा उन्होंने व्यक्ति के स्वभाव और गुणों के बारे में विस्तार इस जिक्र किया है। साथ ही आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र में महिलाओं के कुछ स्वभाव के बारे में बताया है। चाणक्य ने पहले मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त की सत्ता को बढ़ाने में सहायता की थी। मौर्य साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उन्हें पूरा श्रेय दिया जाता है। आइए श्लोक के माध्यम से जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को धन और स्त्री में से किसका चयन करना चाहिए।
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Chanakya Niti about Women - फोटो : अमर उजाला
श्लोक 
मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टस्त्रीभरणेन च।
दुःखितैः सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यंवसीदति।।
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Chanakya Niti about Women
उपरोक्त श्लोक चाणक्य नीति के प्रथम अध्याय का चतुर्थ श्लोक है। इसमें आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो यदि शिष्य मूर्ख हो तो उसे उपदेश देना व्यर्थ है, यदि स्त्री दुष्ट हो तो उसका पालन पोषण करना व्यर्थ है। यदि आपका धन नष्ट हो गया है या आप किसी दुखी व्यक्ति के साथ तालमेल बना रहे हैं तो ऐसे में आप कितने भी बुद्धिमान हैं आपको कष्ट उठाना ही पड़ेगा।

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Chanakya Niti about Women - फोटो : सोशल मीडिया
दुष्टा भार्या शठं मित्रं भृत्यश्चोत्तरदायकः।
ससर्पे च गृहे वासो मृत्युरेव न संशयः ।।
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Chanakya Niti about Women - फोटो : फाइल फोटो
उपरोक श्लोक प्रथम अध्याय का पंचम श्लोक है। इस श्लोक के अनुसार ज्यादा बोलने वाली, दुराचारिणी स्त्री और धूर्त, दुष्ट स्वभाव के नौकर और ऐसे घर में निवास जहां सांप के होने की संभावना है , कठोर वचन वाला मित्र, ये सब बातें मृत्यु के समान हैं।
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस घर में स्त्रियां चरित्रहीन होती हैं, वहां घर के मुखिया की स्थिति एक मृतक के समान होती हैं। दरअसल घर का मुखिया कुछ कर नहीं पाता और कुढ़ता रहते है। इसी प्रकार यदि आपका कोई खास मित्र है लेकिन उसका स्वभाव अच्छा नहीं है या वह भी कुटिल स्वभाव का व्यक्ति है तो उस पर कभी विश्वास न करें। ऐसा मित्र कभी भी धोखा दे सकता है। आपके अधीनस्थ काम करने वाला आपका कर्मचारी या कोई नौकर आपको पलट कर जवाब दे तो ऐसा व्यक्ति आपको कभी भी नुकसान पहुंचा सकता है।  यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे कि आप किसी सांप के साथ रह रहे हैं और आप जाने कब सर्पदंश का शिकार हो जाएं। 
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