मौर्य साम्राज्य को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाले आचार्य चाणक्य एक महान दार्शनिक, दूरदर्शी, लेखक और प्रकांड विद्वान थे। वे तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे। उन्होंने अर्थशास्त्र नामक पुस्तक लिखी, जिसमें मौर्य काल की राजनैतिक व्यवस्था पर प्रकाश डाला गया है। उनके विचार और नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने अपने संपूर्ण दर्शन में चार चीजों को बेशकीमती माना है। ये चार चीजें इस प्रकार हैं -