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Chanakya Niti: इन 4 चीजों के बिना बेकार है जीवन

Fri, 31 Jan 2020 06:58 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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Chanakya Success Mantra
मौर्य साम्राज्य को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाले आचार्य चाणक्य एक महान दार्शनिक, दूरदर्शी, लेखक और प्रकांड विद्वान थे। वे तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे। उन्होंने अर्थशास्त्र नामक पुस्तक लिखी, जिसमें मौर्य काल की राजनैतिक व्यवस्था पर प्रकाश डाला गया है। उनके विचार और नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने अपने संपूर्ण दर्शन में चार चीजों को बेशकीमती माना है। ये चार चीजें इस प्रकार हैं - 
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चाणक्य चिंतन - फोटो : Amar Ujala
दुनिया में दान से बड़ा कोई चीज नहीं
आचार्य चाणक्य ने कहा है कि इस दुनिया में भोजन और पानी का दान ही महादान है। इसके अलावा कोई और चीज इस दुनिया में इतनी बेशकीमती नहीं है। जो व्यक्ति भूखे-प्यासे को भोजन और पानी पिलाता है वह ही पुण्य आत्मा है। इसलिए दान दुनिया की चार चीजों में सबसे बेशकीमती चीज है।
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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
दूसरी कीमती चीज- एकादशी तिथि
आचार्य चाणक्य ने हिंदू पंचांग की 11 एकादशी तिथि को सबसे पवित्र तिथि बताया है। एकादशी तिथि पर पूजा-आराधना और उपवास रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को बहुत प्रिय होती है।

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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
सबसे ताकतवर मंत्र
आचार्य चाणक्य ने कहा है कि इस दुनिया में गायत्री मंत्र से बड़ा कोई और दूसरा मंत्र नहीं है। माता गायत्री को वेदमाता कहा जाता है। सभी चारो वेदों की उत्पत्ति गायत्री से हुई है।
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Chanakya Success Mantra
मां से बड़ा कोई दूसरा नहीं
आचार्य चाणक्य के अनुसार इस धरती पर मां ही सबसे बड़ी है। मां से न बड़ा कोई देवता, न कोई तीर्थ और न ही कोई गुरु है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता की सेवा करता है उसे और किसी की भक्ति करने की कोई आवश्कता नहीं होती।
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Chanakya Success Mantra
चाणक्य नीति श्लोक
नात्रोदक समं दानं न तिथि द्वादशी समा।
न गायत्र्या: परो मंत्रो न मातुदेवतं परम्।।
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