आचार्य चाणक्य की गिनती भारत के श्रेष्ठतर विद्वान पुरुषों में की जाती है। इन्होंने अपने मुक्त विचारों और ज्ञान के बल पर इतिहास की धारा को ही बदल के रख दिया। आचार्य चाणक्य को कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता था। ये बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। इन्होंने धर्म, समाज, अर्थव्यवस्था, राजनीति आदि विभिन्न विषयों पर अपने मतों को खुल कर व्यक्त किया। अगर कोई व्यक्ति आचार्य चाणक्य द्वारा बताए रास्तों पर चले, तो उसे जीवन में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होगी। आचार्य चाणक्य स्त्री को लेकर काफी उदार थे। उन्होंने स्त्री के विषय में काफी कुछ कहा, जिसका उल्लेख हमें नीतिशास्त्र में मिलता है। आचार्य चाणक्य ने स्त्रियों के कई ऐसे गुणों के बारे में बताया, जिनमें वह पुरुषों से भी आगे होती हैं। इसी सिलसिले में आइए स्त्रियों के उन गुणों के बारे में जानते हैं, जिनमें वह पुरुषों को भी पीछे छोड़ देती हैं।