आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान थे। वे राजनीति और कूटनीति में बहुत कुशल थे। उनके द्वारा लिखित नीतियां आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी उस समय थी। आज के समय में लोग चाणक्य की नीतियों का अपने मन के अनुसार मतलब निकाल लेते हैं लेकिन यदि इन नीतियों के सार को सही प्रकार से समझा जाए और जीवन में अनुसरण किया जाए तो मनुष्य अपने जीवन को सुखी, संतुष्ट, समृद्ध और सफल बना सकता है। आचार्य चाणक्य ने मनुष्य में व्याप्त कुछ अवगुणों के बारे में बताया है, जिन लोगों में ये अवगुण होते हैं, उनपर मां लक्ष्मी की कृपा नहीं होती है और ऐसे लोग हमेशा दरिद्र बने रहते हैं। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।