आचार्य चाणक्य चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। इन्होंने ही चंद्रगुप्त को अपनी नीतियों के बल पर एक साधारण बालक से शासक के रूप में स्थापित किया। इन्हें कई विषयों की गहरी समझ थी। ये श्रेष्ठ विद्वान थे। अर्थशास्त्र के मर्मज्ञ होने के कारण इन्हें कौटिल्य कहा जाता था। आचार्य चाणक्य के द्वारा लिखे गए नीतिशास्त्र में जीवन के विभिन्न पहलुओं से संबंधित महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया गया है। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में बताया है कि पिता, पुत्र और जीवनसाथी के सही मायने में क्या कर्तव्य होते हैं। जानते हैं कि इस बारे में क्या कहती है चाणक्य नीति।