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नास्तिक लोगों की तुलना में चार साल अधिक जीते हैं धार्मिक लोग, रिपोर्ट में हुआ दावा

Thu, 14 Jun 2018 10:51 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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धार्मिक लोग
धार्मिक प्रवृत्ति के लोगों की तुलना में नास्तिक लोगों की उम्र चार वर्ष अधिक होती है। एक अध्ययन में पाया गया है कि धार्मिक प्रवृत्ति के लोग नास्तिक लोगों के मुकाबले चार वर्ष अधिक जिंदा रहते हैं। 
 
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Religious people
अमेरिका के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि व्यक्ति के धार्मिक और नास्तिक होने का भी उसके जीवनकाल पर असर पड़ता है। अमेरिका में ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के डॉक्टरल छात्र लॉरा वेल्स का कहना है कि धार्मिकता से संबंद्धता उतनी ही अहम है जितनी की एक स्त्री या पुरुष की लैंगिकता। 

 
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Religious people
वेल्स ने कहा कि धार्मिक संबद्धता का हमारे जीवन में अभी भी बहुत लाभ है लेकिन इसे समझा नहीं जा सकता है। क्योंकि धर्म से संबंध रखने वाले लोगों के लिए कई तरह के नियम होते हैं जिसके तहत उन्हें शराब पीना, नशीली दवाओं का इस्तेमाल और अपने जीवनसाथी के अलावा अन्य से शारिरिक संबंध बनाने जैसे कार्य करने की मनाही होती है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान कुछ आंकड़ों का विश्लेषण किया। जिसके आधार पर यह पाया गया कि दीर्घायु में हमारे रहन-सहन व व्यक्तित्व का भी गहरा प्रभाव पड़ता है।

 
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Religious people
‘जर्नल सोशल साइकोलॉजिकल एंड पर्सनैलिटी साइंस’ नामक एक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया है कि जर्नल सोशल साइकोलॉजिकल एंड पर्सनिलिटी साइंस में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि दीर्घायु को बढ़ावा देने में कहीं न कहीं लोगों का धार्मिक होना भी महत्व रखता है। अध्ययन से यह भी पता चला है कि लोगों की दीर्घायु पर उनके रहने के स्थान से भी प्रभाव पड़ता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि सामाजिक कार्यों में भाग लेने वाले लोग दूसरों की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहते हैं। 
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