Jagannath Rath yatra
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क्या है बाहुड़ा यात्रा
बाहुड़ा’ का शाब्दिक अर्थ है
‘वापसी’ या ‘लौटना’। रथ यात्रा के नौ दिनों के बाद, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा अपनी मौसी मां गुंडिचा के मंदिर से अपने मुख्य मंदिर, श्री मंदिर, वापस लौटते हैं। यह यात्रा आस्था, भक्ति और उल्लास का प्रतीक होती है और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
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