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इन गलतियों के कारण मिलता है सीधा नर्क में स्थान, जाने अनजाने आप तो नहीं कर रहे

Tue, 31 Jan 2017 12:28 PM IST
राकेश्ा झा/टीम डिजिटल
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नर्क
मृत्यु के बाद क्या होगा इस बात को लेकर शास्‍त्रों में कई तरह की अवधारणाएं हैं। पुराणों में बताया गया है क‌ि जीवों को उनके कर्मों के अनुसार मृत्यु के बाद ईनाम और दंड म‌िलता है। मृत्यु के बाद भले ही जीव अपना शरीर इसी धरती पर छोड़कर चला जाता है ले‌क‌िन उसे एक सूक्ष्म शरीर म‌िल जाता है जो द‌िखने में उसी तरह का होता है जैसा व्यक्त‌ि अपने जीव‌ित अवस्‍था के दौरान होता है। यही सूक्ष्म शरीर व्यक्त‌ि के कर्मों के अनुसार फल भोगता है। कर्म फल भोगने के ल‌िए जीव को उसके कर्में के अनुसार स्वर्ग या नर्क में भेजा जाता है। स्वर्ग जहां सुख साधनों से भरपूर है वहीं नर्क कष्टों और यातनाओं से भरा है। मनुष्य कई बार जाने अनजाने भी ऐसे काम कर बैठता है जो उसे नर्क का भागी बना देता है। देख‌िए आप तो यह नहीं कर रहे।
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इन गल‌त‌ियों के कारण म‌िलता है सीधा नर्क में स्‍थान, जाने अनजाने आप तो नहीं कर रहे

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नर्क
गरुड़ पुराण, अग्न‌िपुराण, कठोपन‌िषद् सह‌ित नारद पुराण में भी बताया गया है क‌ि नर्क 36 प्रकार के हैं ज‌िनमें पाप कर्मों के अनुसार जीवों को भेजा जाता है।  मनुष्य कई बार जाने अनजाने भी ऐसे कर्म कर बैठते हैं जो उसे नर्क का भागी बना देते हैं। देख‌िए आप तो ऐसे कर्म नहीं कर रहे।
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इन गल‌त‌ियों के कारण म‌िलता है सीधा नर्क में स्‍थान, जाने अनजाने आप तो नहीं कर रहे

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suicide
पुराणों में बताया गया है क‌ि धरती पर ज‌िसने भी जन्म ल‌िया है उसे ईश्वर के द्वारा दिए गए पूरे जीवन काल को सुख और दुख भोगते हुए जीना चाह‌िए। जो लोग जीवन से हारकर आत्महत्या कर लेते हैं उनका कष्ट मरने के बाद भी खत्म नहीं होता। ऐसे लोग कई नर्क में जाकर कष्ट पाते हैं और दूसरा जन्म म‌िलने के बाद फ‌िर से उन्हें अपने पूर्वजन्म के कर्मों का बचा फल भोगना पड़ता है। इसल‌िए आत्महत्या को पाप कहा गया है जो नर्क की ओर ले जाता है।

इन गल‌त‌ियों के कारण म‌िलता है सीधा नर्क में स्‍थान, जाने अनजाने आप तो नहीं कर रहे

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ख्‍ााना
ज‌िनका अपनी ज‌िह्वा पर न‌ियंत्रण नहीं रहता और जीवनसाथी, बच्चों, मेहमान और भूखे व्यक्त‌ि को ख‌िलाए ब‌िना स्वयं भोजन कर लेते हैं ऐसे लोभी और स्वार्थी व्यक्त‌ियों को भी नर्क में जाकर कष्ट भोगना पड़ता है।
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इन गल‌त‌ियों के कारण म‌िलता है सीधा नर्क में स्‍थान, जाने अनजाने आप तो नहीं कर रहे

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court shimla
अदालत में लालच एवं द्वेष के कारण झूठी गवाही देने वाले व्यक्त‌ियों के ल‌िए भी यमराज ने नर्क भेजने की व्यवस्‍था की है। इन्हें यमराज की अदालत में बड़ा कठोर दंड द‌िया जाता है।
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बुजुर्ग
बुजुर्ग एवं रोगी व्यक्त‌ियों के साथ जो लोग दया भाव नहीं रखते और उन्हें अपशब्द कहते हैं ऐसे लोगों को यमराज नर्क में भेजकर दंड देते हैं। बुजुर्गों एवं कमजोर लोगों की सहायता करने वाले व्यक्त‌ि पर यमराज प्रसन्न होते और उनके कई अपराध भी क्षमा कर देते हैं।
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वेद
पुराणों में बताया गया है क‌ि वेद भगवान के मुख से कहे गए हैं। वेदों का अपमान ईश्वर का अपमान है। जो वेदों के बारे में बुरा भला कहते हैं उन्हें नर्क में बहुत ही कठोर दंड भोगना पड़ता है।
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लोटन में अस्तित्व तलाशती घोघी नदी। - फोटो : अमर उजाला
कुआं, तालाब, प्याऊ और रास्तों को काटकर या खोदकर लोगों को कष्ट पहुंचाने वाले व्यक्त‌ि भी नर्क के भागी बनते हैं।
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