प्रतीकात्मक तस्वीर
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गोधूलि बेला को क्यों माना गया है पूजा के लिए श्रेष्ठ समय
गोधूलि बेला यानि सूर्यास्त से कुछ देर पहले का समय। इस समय दोनों बेला का मिलन होता है। प्रकृति में एक अलग उल्लास होता है। प्राचीन समय में ऋषि-मुनि इस समय पूजन-वंदन किया करते थे। यह समय ईश्वर के वंदन का होता है। इसके अलावा पहले के समय में संध्या काल में गाय अपने घर को लौट रही होती थी। गाय को आगमन को लक्ष्मी आगमन माना जाता है। गाय में देवी-देवाताओं का वास माना जाता है, इसलिए भी यह समय ईश्वर के ध्यान और प्रार्थना का माना गया है।