lord shiva
तुलसी के पत्तों को औषधिय गुणों से भरपूर माना जाता है। इन्हें बहुत ही पवित्र माना गया है इसलिए तुलसी को पूजा जाता हैं लेकिन शिव जी को तुलसी नहीं चढ़ाई जाती है। तुलसी के पति जांलधर जो एक असुर था, भगवान शिव ने उसका अंत किया था जिसके कारण तुलसी ने शिव जी को अपने औषधिय गुणों से उन्हें वंचित कर दिया।