फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Temple Bell: मंदिर में घंटा कब बजाना चाहिए? जानें इसका सही नियम और महत्व

Fri, 26 Dec 2025 07:34 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Temple Bell Rules: मंदिर में धंटी बजाने में भी कुछ नियमों और सावधानियों का पालन करना जरूरी है। यह जानना जरूरी है कि मंदिर का घंटा कब और कैसे बजाना चाहिए। आइए इन नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं...
विज्ञापन
1 of 5
मंदिर की घंटी बजाने के नियम - फोटो : Amar Ujala
Mandir puja Rules: हिंदू परंपरा में मंदिर में स्थापित घंटा या घंटी बजाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व भी छिपा है। मान्यता है कि घंटी की ध्वनि ‘ॐ’ के समान कंपन उत्पन्न करती है, जो मन और वातावरण दोनों को शुद्ध करती है। यही कारण है कि मंदिर में प्रवेश करते ही घंटा बजाने की परंपरा को विशेष महत्व दिया गया है। स्कंद पुराण सहित कई शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि घंटी की आवाज से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और देव शक्तियां सक्रिय होती हैं।

इस कार्य में भी कुछ नियमों और सावधानियों का पालन करना जरूरी है। अनजाने में की गई छोटी-सी गलती पूजा के पूर्ण फल में बाधा बन सकती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि मंदिर का घंटा कब और कैसे बजाना चाहिए।

New Year 2026: नए साल पर महिलाएं जरुर करें ये खास काम, पूरे साल बरसेगी माता लक्ष्मी की कृपा
विज्ञापन

2 of 5
कब बजाना चाहिए मंदिर का घंटा - फोटो : adobestock
कब बजाना चाहिए मंदिर का घंटा
शास्त्रों के अनुसार मंदिर में प्रवेश करते समय घंटी बजाना सबसे शुभ माना जाता है। घंटी की ध्वनि मन को सांसारिक उलझनों से दूर कर एकाग्र बनाती है, जिससे भक्त पूरी श्रद्धा के साथ पूजा कर पाता है। आरती के समय घंटी बजाना भी अत्यंत फलदायी माना गया है, क्योंकि इससे पूजा की ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है।
विज्ञापन

3 of 5
कब बजाना चाहिए मंदिर का घंटा - फोटो : adobestock
घर के मंदिर में भी सुबह और शाम पूजा आरंभ करने से पहले घंटी बजाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और वातावरण पवित्र बना रहता है। पुराणों में घंटी की ध्वनि को सृष्टि की मूल नाद शक्ति का प्रतीक माना गया है, जो मानसिक अशांति और नकारात्मक विचारों को दूर करती है।

4 of 5
किस समय घंटा नहीं बजाना चाहिए - फोटो : adobestock
किस समय घंटा नहीं बजाना चाहिए
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदिर से बाहर निकलते समय घंटी बजाना उचित नहीं माना जाता। प्रवेश के समय घंटी बजाकर देवताओं का आह्वान किया जाता है, लेकिन लौटते समय ऐसा करने से पूजा के दौरान प्राप्त शांति और सकारात्मकता बाधित हो सकती है। इसलिए पूजा के बाद शांत मन से देवताओं को प्रणाम करके बाहर निकलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
घंटी बजाते समय ध्यान रखने योग्य नियम - फोटो : adobestock
घंटी बजाते समय ध्यान रखने योग्य नियम
शास्त्रों के अनुसार घंटी को बार-बार या बहुत देर तक नहीं बजाना चाहिए। सामान्य रूप से 2 से 3 बार पर्याप्त होता है। घर में पूजा करते समय बाएं हाथ से घंटी बजाना चाहिए। रात्रि में तेज आवाज में घंटी बजाने से बचना चाहिए। ध्यान रहे कि घंटी की ध्वनि कुछ क्षण तक गूंजनी चाहिए, जिससे सकारात्मक कंपन उत्पन्न हो।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें