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Surya Sankranti 2021: कर्क संक्रांति पर सूर्य देव को इस विधि से करें प्रसन्न

Thu, 15 Jul 2021 05:34 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कर्क संक्रांति 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
Surya Sankranti 2021: कर्क संक्रांति 16 जुलाई 2021 को है। सूर्य ग्रह के कर्क राशि में प्रवेश को कर्क संक्राति कहते हैं। धार्मिक दृष्टि से ये संक्रांति बेहद खास मानी जाती है। इस दिन सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क संक्रांति को किसी भी शुभ और नए कार्य के प्रारंभ के लिए शुभ नहीं माना जाता है। इस दिन सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए। कहते हैं कि संक्रांति में की गई सूर्य उपासना से दोषों का शमन होता है। सूर्य संक्रांति पर आदित्य स्तोत्र एवं सूर्य मंत्र का पाठ करें। इस समय में शहद का प्रयोग लाभकारी माना जाता है। कर्क संक्रांति पर वस्त्र एवं खाने की चीजों और विशेषकर तेल के दान का विशेष महत्व है। कर्क संक्रांति से ही दक्षिणायन की शुरूआत होती है जिसकी अवधि छह माह तक होती है। आइए जानते हैं कर्क संक्रांति की पूजा विधि, महत्व और उपाय के बारे में। 
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कर्क संक्रांति 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
कर्क संक्रांति का मुहूर्त
कर्क संक्रांति पुण्य काल - सुबह 05:34 से शाम 05:09 तक
संक्रांति महापुण्य काल - दोपहर 02:51 से शाम 05:09 तक
कर्क राशि में प्रवेश करने का समय - शाम 04:41
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कर्क संक्रांति 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
कर्क संक्रांति पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें। इसके बाद पूजा करें। पूजा समाप्त होने के बाद दान आदि का कार्य करें। इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इस दिन तुलसी के पत्र से भगवान विष्णु की पूजा करना श्रेष्ठ फलदायी माना गया है। इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करें और दान आदि के कार्य करें। ऐसा करने से जीवन में आने वाली कठिनाइयां दूर होती हैं और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।

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कर्क संक्रांति 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
दक्षिणायन होगा शुरू
कर्क संक्रांति से ही दक्षिणायन की शुरूआत होती है जिसकी अवधि छह माह तक होती है। मान्यताओं के अनुसार दक्षिणायन का काल देवताओं की रात्रि मानी गई है। दक्षिणायन के समय में रातें लंबी हो जाती हैं और दिन छोटे होने लगते हैं। दक्षिणायन में विवाह, मुंडन, उपनयन आदि विशेष शुभ कार्य निषेध माने जाते हैं। दक्षिणायन के दौरान वर्षा, शरद और हेमंत, ये तीन ऋतुएं होती हैं। तामसिक प्रयोगों के लिए दक्षिणायन का समय उपयुक्त होता है।
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कर्क संक्रांति 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
कर्क संक्राति के नियम
कर्क संक्रांति को किसी भी शुभ और नए कार्य के प्रारंभ के लिए शुभ नहीं माना जाता है। इस दिन सूर्यदेव को जल अर्पित करें। संक्रांति में की गई सूर्य उपासना से दोषों का शमन होता है। सूर्य संक्रांति पर आदित्य स्तोत्र एवं सूर्य मंत्र का पाठ करें। इस समय में शहद का प्रयोग लाभकारी माना जाता है। कर्क संक्रांति पर वस्त्र एवं खाने की चीजों और विशेषकर तेल के दान का विशेष महत्व है।
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कर्क संक्रांति 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
सूर्य ग्रह के उपाय
सूर्य देव की उपासना करें और इस दिन व्रत रखें। सूर्य देव के लिए गुड़, लाल पुष्प, तांबा, गेहूं आदि का दान करें। माणिक्य रत्न पहनें। बेल मूल की जड़ी धारण करें और एक मुखी रुद्राक्ष धारण करें। सूर्य आराधना के समय ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें।
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