Surya Arghya
उत्तरायण और दक्षिणायन में क्या करना रहता है सही
उत्तरायण अवधि में उत्सव, पर्व एवं त्योहार पड़ते हैं तो वहीं दक्षिणायन व्रत, साधना एवं ध्यान का समय माना गया है। उत्तरायण की अवधि में शुभ कार्य जैसे गृह प्रवेश, यज्ञ, व्रत, अनुष्ठान, विवाह, मुंडन आदि जैसे कार्य करना शुभ माना जाता है। दक्षिणायन में विवाह, उपनयन, मुंडन आदि शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस समय तप, उपवास करना यानी सात्विक साधना करना शुभ रहता है। इसके अलावा यह समय तांत्रिक साधना करने वालो के लिए भी उचित माना जाता है।