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Durga Ashtami 2022: आज दुर्गा अष्टमी पर बन रहा है सुकर्मा योग, जानिए इसका महत्व और पूजा करने का उत्तम समय

Sat, 09 Apr 2022 06:21 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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नवमी से ठीक एक दिन पहले दुर्गा अष्टमी मनाते हैं। - फोटो : SELF
Durga Ashtami Chaitra Navratri 2022:  चैत्र नवरात्रि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होती है।  इन नौ दिनों में माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। देवी के नौ रूपों का अलग-अलग पूजा करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है,जो भक्तों को सुख-सौभाग्य और शौर्य  प्रदान करती हैं। नौ देवियों की कृपा से अलग-अलग तरह के मनोरथ सिद्ध होते हैं। नौ दिन तक चलने वाली चैत्र नवरात्रि  में मां दुर्गा के अलग अलग रूपों की पूजा कर भक्त माता को प्रसन्न करते हैं। कहते हैं मां दुर्गा भक्तों के दुख को दूर कर देती हैं। ऐसे में नवरात्रि  में भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और शाम को उनकी आरती करके  उन्हें भोग लगाते हैं। चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन रामनवमी मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन ही भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। नवमी से ठीक एक दिन पहले दुर्गा अष्टमी मनाते हैं। नवरात्रि में भक्तों के बीच राम नवमी व दुर्गा अष्टमी की तिथि को लेकर असमंजस रहता है। आइए जानते हैं दुर्गाअष्टमी पर बनने वाला शुभ योग और पूजा का सही समय 
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सुकर्मा योग में किसी नौकरी में पद ग्रहण करना व मांगलिक कार्य करना बेहद उत्तम रहता है। - फोटो : istock
इस बार दुर्गा अष्टमी पर है शुभ योग
अष्टमी 10 अप्रैल रविवार को रात्रि 01:23 मिनट तक रहेगी। वहीं 9 अप्रैल, प्रातः 11: 25 मिनट  पर सुकर्मा  योग लग जाएगा। यह योग ज्योतिष शास्त्र में शुभ योगों में गिना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है। सुकर्मा योग में किसी नौकरी में पद ग्रहण करना व मांगलिक कार्य करना बेहद उत्तम रहता है।
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नौ दिन तक चलने वाली चैत्र नवरात्रि  में मां दुर्गा के अलग अलग रूपों की पूजा कर भक्त माता को प्रसन्न करते हैं। - फोटो : iStock
दुर्गा अष्टमी 2022 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:32 से 05:17 मिनट तक।
अभिजित मुहूर्त- प्रातः11:57 से दोपहर 12:48 मिनट तक।
विजय मुहूर्त- दोपहर 02:30 से 03:20 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त- सायं  06:31 से सायं 06:55 मिनट तक।

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अष्टमी तिथि पर आदिशक्ति मां दुर्गा पूजा करने से सभी कष्ट मिट जाते हैं। - फोटो : iStock
शुभ योग 
अमृत काल- 10 अप्रैल, रविवार 01:50 ए एम से  03:37 ए एम तक 
रवि योग- 10 अप्रैल, रविवार 04:31 ए एम से 06:01 ए एम तक 
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दुर्गा अष्टमी तिथि परम कल्याणकारी और दुखों का नाश करने वाली है। - फोटो : iStock
दुर्गाअष्टमी का महत्व
अष्टमी तिथि पर विधि-विधान से पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा से सुख, समृद्धि, यश, कीर्ति, विजय, आरोग्यता प्राप्त होती है। अष्टमी तिथि पर आदिशक्ति मां दुर्गा पूजा करने से सभी कष्ट मिट जाते हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती। यह तिथि परम कल्याणकारी और दुखों का नाश करने वाली है।
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नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। - फोटो : iStock
नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा का स्वरूप
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि राहु ग्रह देवी महागौरी द्वारा शासित है। महागौरी को एक सौम्य देवी माना गया है। महागौरी को मां दुर्गा की आठवी शक्ति भी कहा गया है। महागौरी की चार भुजाएं हैं और ये वृषभ की सवारी करती हैं। इनके ऊपर के दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है। ऊपर वाले बाएं हाथ में डमरू और नीचे के बाएं हाथ में वर-मुद्रा है।
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