फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shukrawar Upay: शुक्रवार का रखा है व्रत ? तो यहां जानें माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के सरल उपाय

Fri, 20 Jun 2025 06:31 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shukrawar Upay: शास्त्रों के मुताबिक जो जातक सच्चे भाव से शुक्रवार का व्रत रखते हैं उनपर लक्ष्मी जी के साथ-साथ भगवान विष्णु भी प्रसन्न रहते हैं। इसके अलावा इस दिन कुछ खास उपाय करने से भौतिक सुख-सुविधा में वृद्धि, सौंदर्य, कला की प्राप्ति होती हैं। 
विज्ञापन
1 of 5
Shukrawar Upay - फोटो : अमर उजाला
Shukrawar Upay: शुक्रवार विशेष रूप से मां लक्ष्मी की पूजा को समर्पित होता है। इस दिन देवी की पूजा-अर्चना, दान, हवन व भजन कीर्तन जैसे शुभ कार्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं। हालांकि शुक्रवार का व्रत रखना और भी कल्याणकारी है। आमतौर पर महिलाएं पति की लंबी उम्र, तरक्की, आर्थिक लाभ और वैवाहिक सुख के लिए यह उपवास करती हैं। शास्त्रों के मुताबिक जो जातक सच्चे भाव से शुक्रवार का व्रत रखते हैं, उनपर सैदव लक्ष्मी जी के साथ-साथ भगवान विष्णु प्रसन्न रहते हैं। इसके अलावा कुंडली में भी शुक्र ग्रह मजबूत होता है। वहीं इस दिन कुछ खास उपाय करने से भौतिक सुख-सुविधा में वृद्धि, सौंदर्य प्राप्ति व कला कौशल में भी निखार आता है। आइए इन उपायों को जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
Shukrawar Upay - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सरल उपाय
  • शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें। इसके बाद शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं। साथ ही घर की स्वच्छता का खास ध्यान रखें। मान्यता है कि इससे घर में देवी लक्ष्मी का आगमन होता है। इतना ही नहीं व्यक्ति को कर्ज जैसी समस्याओं से भी मुक्ति मिलती हैं।

 
विज्ञापन

3 of 5
Shukrawar Upay - फोटो : adobe stock
  • शुक्रवार के दिन सफेद रंग की वस्तुओं का दान करें। इस दौरान आप सफेद मिठाई, कपड़े व पकवानों का दान कर सकते हैं। इसके प्रभाव से कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत होती हैं। कहते हैं कि शुक्र के मजबूत होने पर साधक विलासिता जीवन जीता है और उसकी कला में भी निखार आता है। ऐसे में यह उपाय आपके लिए लाभकारी हो सकता है।

4 of 5
Shukrawar Upay - फोटो : adobe stock
  • शुक्रवार के दिन एक मिट्टी के कलश में चावल भर दें। फिर इसमें हल्दी की गांठ और एक सिक्का डाल दें। इसके बाद इसे लक्ष्मी माता की पूजा में शामिल करें और बाद में इसका दान कर दें। इससे लंबे समय से अटके काम और बिजनेस में लाभ मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Shukrawar Upay - फोटो : adobe stock
  • शुक्रवार के दिन यदि आपके व्रत रखा है, तो पूजा के समय देवी लक्ष्मी की आरती जरूर करें। इससे व्रत और पूजा दोनों का संपूर्ण फल मिलता है। आप यहां से देवी की आरती पढ़ सकती हैं।
मां लक्ष्मी की आरती 

ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। 
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। 
मैया सुख संपत्ति दाता। 
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता। 
मैया तुम ही शुभदाता। 
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। 
मैया सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। 
मैया वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता। 
मैया क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता। 
मैया जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

ऊं  जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
Chaturmas 2025: जल्द ही मांगलिक कार्यक्रमों पर लगेगा प्रतिबंध, 4 महीने तक नहीं होगा कोई शुभ कार्य
Tulsi Puja Benefits: तुलसी की पूजा करते समय करें ये एक काम, हर मनोकामना होगी पूरी

 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें