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Pradosh Vrat in May 2022: सुख-सौभाग्य में वृद्धि करता है शुक्र प्रदोष व्रत, जानिए तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

Wed, 25 May 2022 11:15 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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शुक्र प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : iStock
Pradosh Vrat in May 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में दो बार त्रयोदशी तिथि पड़ती है। एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। त्रयोदशी तिथि के दिन ही प्रदोष व्रत रखा जाता है। त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष काल में शिव जी के साथ माता पार्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। पंचांग के अनुसार, सप्ताह के जिस दिन त्रयोदशी तिथि होती है, उसी के आधार पर प्रदोष व्रत का नाम भी पड़ता है। इस समय ज्येष्ठ माह चल रहा है और इस माह का पहला प्रदोष व्रत 27 मई 2022 दिन शुक्रवार को है। शुक्रवार के दिन होने की वजह से इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत को करने शिव जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों का जीवन सुख-शांति और समृद्धि से भर देते हैं। जो भी जातक नियम और निष्ठा से प्रदोष व्रत रखते हैं उनके सभी कष्टों का नाश होता है। ऐसे में चलिए आज जानते हैं शुक्र प्रदोष व्रत के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में... 
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शुक्र प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : iStock
इस शुक्र प्रदोष के दिन सुबह से ही सौभाग्य योग प्रारंभ हो जाएगा, जो कि रात 10 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। इसके बाद से शोभन योग शुरू हो जाएगा। सौभाग्य और शोभन योग मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम योग माने जाते हैं। ऐसे में इस बार शिव भक्तों के लिए इस प्रदोष व्रत का महत्व और बढ़ गया है। 
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शुक्र प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : iStock
प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2022
27 मई को शुक्र प्रदोष व्रत वाले दिन पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ हो रहा है, जो कि रात 09 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। प्रदोष व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और सौभाग्य योग का संयोग अद्भुत है। ऐसे में इस दिन भोलेनाथ के आशीर्वाद से भक्तों के कष्ट, रोग, दोष, पाप, भय सब दूर हो जाएंगे। 

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शुक्र प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : pixabay
शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा विधि
शुक्र प्रदोष व्रत वाले दिन प्रात: स्नान आदि करके साफ कपड़े पहन लें। इसके बाद भगवान भोलेनाथ को याद करके व्रत एवं पूजा का संकल्प करें। फिर शाम के शुभ मुहूर्त में किसी शिव मंदिर जाकर या घर पर ही शिव की विधिपूर्वक पूजा करें।
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शुक्र प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : istock
पूजा के दौरान शिवजी लिंग को गंगाजल और गाय के दूध से स्नान कराएं। उसके बाद सफेद चंदन का लेप जरूर लगाएं। भगवान भोलेनाथ को अक्षत, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी का पत्ता, सफेद फूल, शहद, भस्म, शक्कर आदि अर्पित करें। इस दौरान ओम नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करते रहें।
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शुक्र प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : istock
पूजा के बाद शिव चालीसा, गुरु प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें। घी का दीपक जलाएं और शिव जी की आरती करें। इसके बाद पूजा का समापन क्षमा प्रार्थना से करते हुए शिवजी के सामने अपनी मनोकामना व्यक्त कर दें।
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शुक्र प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : iStock
शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व
धर्म शास्त्रों में शुक्र प्रदोष व्रत को सुख समृद्धि में वृद्धि करने वाला बताया गया है। मान्यता के अनुसार, ये व्रत उन लोगों को अवश्य करना चाहिए, जिनके वैवाहिक जीवन में किसी प्रकार की दिक्कत है। इस व्रत को करने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से आपका दांपत्य जीवन सुखमय होगा। 
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