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Shanishchari Amavasya 2025: कल साल की पहली शनिश्चरी अमावस्या, जाने मुहूर्त और महत्व

Fri, 28 Mar 2025 06:06 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shanishchari Amavasya 2025 Date: 29 मार्च 2025 को आने वाली शनिश्चरी अमावस्या विशेष संयोग लेकर आई है, जिसमें सूर्य ग्रहण और शनि गोचर भी शामिल हैं। इस दिन विधिपूर्वक पूजा-पाठ और दान करने से जीवन में आने वाले संकट कम हो सकते हैं और शनि देव की कृपा प्राप्त हो सकती है। इस अमावस्या का पूरा लाभ उठाने के लिए नियमों का पालन करें और शुभ कर्म करें।
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shanishchari amavasya - फोटो : अमर उजाला
Shanishchari Amavasya 2025 Time: शनि देव की कृपा हर कोई पाना चाहता है, क्योंकि जब शनि अशुभ स्थिति में होते हैं, तो जीवन में अनेक कष्ट और बाधाएं आती हैं। शनिश्चरी अमावस्या को शनि देव की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से शनि दोष, पितृ दोष और अन्य ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है।  

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इस साल, 2025 में पहली शनिश्चरी अमावस्या 29 मार्च को पड़ रही है। यह चैत्र मास की अमावस्या होगी, जो शनि देव की कृपा पाने और जीवन की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए बहुत ही शुभ मानी जाती है। खास बात यह है कि इस दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण भी पड़ने वाला है, जिससे यह दिन और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। साथ ही, इसी दिन शनि मीन राशि में गोचर करने वाले हैं, जो कई राशियों के लिए बड़े बदलाव लाएगा।  

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shanishchari amavasya - फोटो : अमर उजाला
शनिश्चरी अमावस्या 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त  
अमावस्या तिथि प्रारंभ- 28 मार्च 2025, सायं 7:55 पर  
अमावस्या तिथि समाप्त- 29 मार्च 2025, सायं 4:27 पर   
स्नान का शुभ मुहूर्त- प्रातः 4:40 से प्रातः 5:27 तक  
पूजा का शुभ मुहूर्त- प्रातः 7:46  से प्रातः 9:19 तक   
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shanishchari amavasya - फोटो : अमर उजाला
शनिश्चरी अमावस्या का महत्व  
शनिश्चरी अमावस्या को काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय कर सकते हैं। इसके साथ ही इस दिन पितरों की पूजा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। माना जाता है कि इस दिन तर्पण और पिंडदान करना शुभ माना जाता है। इससे पितृ दोष से भी छुटकारा मिल जाता है। शनि देव की कृपा पाने के लिए इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना और दीपक जलाना बहुत शुभ होता है। इस दिन सरसों का तेल, काले तिल और उड़द दाल का दान करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।  
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shanishchari amavasya - फोटो : अमर उजाला
शनिश्चरी अमावस्या पर क्या करें?  
  • सूर्योदय से पहले स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।  
  • पीपल के पेड़ की पूजा करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।  
  • शनि देव को सरसों का तेल, काले तिल और उड़द दाल अर्पित करें।  
  • "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।  
  •  गरीबों को भोजन कराएं और जरूरतमंदों की मदद करें।  

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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