शनि प्रदोष व्रत कथा
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साधु के आशीर्वाद के बाद सेठ-सेठानी अपनी तीर्थयात्रा पर आगे बढ़ गए। लौटकर उन्होंने पूरे विधि-विधान से शनि प्रदोष व्रत किया। भगवान शिव और शनि देव की कृपा से शीघ्र ही उनके घर एक पुत्र का जन्म हुआ और उनका जीवन खुशियों से भर गया।
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