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किन राशियों पर शनिदेव रहते हैं मेहरबान और किसे रहना चाहिए सतर्क, जानें क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

Sun, 06 Dec 2020 07:31 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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जिन जातकों की कुंडली में शनि शुभ घर में रहते हैं, शनिदेव ऐसे जातकों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। - फोटो : Social Media
सभी नौ ग्रहों में सबसे धीमी चाल चलने वाले शनि ग्रह होते हैं। यह एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार किसी भी जातक की कुंडली में शनि के होने और न होने का विशेष प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय के देवता कहा गया है। शनि व्यक्ति को उनके द्वारा किए गए कार्यो के अनुसार ही शुभ और अशुभ दोनों  तरह के फल देते हैं। ज्योतिष में शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रकोप बहुत ही बुरा और परेशानियों से भरा होता है। जिन जातकों की कुंडली में शनि शुभ घर में रहते हैं, शनिदेव ऐसे जातकों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। वहीं जिन जातकों की शनि की टेढ़ी नजर रहती है उन्हें तमाम तरह की मुसीबतें पीछा करने लगती हैं।

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shanidev
इसके अलावा सभी 12 राशियों में से कुछ ऐसी राशियां होती है जिन पर शनिदेव विशेष कृपा रखते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों का कोई न कोई मित्र या शत्रु ग्रह अवश्य होता है। इसी के आधार पर शनि कुछ राशियों पर कृपा बरसाते हैं तो कुछ राशि  के जातकों पर अपने स्वभाव के अनुसार नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसलिए जिन राशि के जातकों पर शनि की टेढ़ी नजर रहती है उन्हें हमेशा सतर्क और शनि से जुड़े हुए कुछ उपायों को जरूर अपनाना चाहिए ताकि शनि का प्रतिकूल प्रभाव कम हो सके।
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शनिदेव
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि ग्रह, बुध और शुक्र के मित्र, जबकि सूर्य, चंद्रमा और मंगल के शत्रु माने गए हैं। वहीं गुरु ग्रह के साथ शनि समभाव रखते हैं। इसके अलावा सभी 12 राशियों में शनिदेव को दो राशियों का स्वामित्व प्राप्त है। पहली राशि है मकर और दूसरी कुंभ। इन दोनों पर शनि हमेशा अच्छा प्रभाव और  नजर रखते हैं। तुला शनि की उच्च राशि और मेष नीच की राशि होती है।  

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राशि
मेष राशि के जातकों पर शनिदेव का प्रभाव
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मेष राशि शनि की नीच राशि है और इस राशि के स्वामी मंगल ग्रह है। शनि का मंगल ग्रह से शत्रुता का भाव रहता है ऐसे में मेष राशि के जातकों पर पर शनि का टेढ़ी नजर का प्रभाव पड़ने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। 
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राशि
वृष राशि के जातकों पर शनिदेव का प्रभाव
वृष राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं और शुक्र के साथ शनि का मित्रवत व्यवहार रहता है। इसलिए वृष राशि पर शनि का शुभ प्रभाव रहता है। 
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मिथुन
मिथुन राशि के जातकों पर शनिदेव का प्रभाव
राशि चक्र में मिथुन तीसरी राशि होती है। इस राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं। बुध ग्रह शनि के मित्र हैं। ऐसे में मिथुन राशि के जातकों को शनि देव शुभ फल प्रदान करते हैं।
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राशि
कर्क और सिंह राशि पर शनिदेव का प्रभाव
चंद्रमा कर्क राशि के स्वामी और सूर्य सिंह राशि के स्वामी है। शनि चंद्रमा और सूर्य के साथ शत्रुवत व्यवहार रखते हैं। इसलिए शनि देव का कर्क और सिंह राशि के जातकों पर नकारात्मक प्रभाव रहता है। 

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राशि
कन्या और तुला राशि पर शनिदेव का प्रभाव
बुध ग्रह कन्या राशि के स्वामी होते हैं और बुध शनि के मित्र ग्रह हैं। इसलिए शनि का कन्या राशि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं तुला राशि शनिदेव की उच्च राशि होने के कारण शनिदेव की इस पर कृपा रहती है।

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राशि
वृश्चिक, धनु और मीन राशि पर शनिदेव का प्रभाव
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं और मंगल के साथ शनि ग्रह का शत्रुवत व्यवहार रहता है। इस कारण से वृश्चिक राशि के जातकों पर शनिदेव प्रतिकूल असर डालते हैं। जबकि धनु और मीन राशि के स्वामी गुरु ग्रह हैं। गुरु ग्रह के साथ शनि समभाव में रहते हैं। इसलिए धुन और मीन राशि पर शनिदेव बराबर का व्यवहार रखते हैं।
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राशि
मकर और कुंभ राशि पर शनिदेव का प्रभाव
शनिदेव को मकर और कुंभ राशि का स्वामी माना गया है। ऐसे में इन राशि के जातकों पर शनि शुभ फल प्रदान करते हैं।
 
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