फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Amavasya-Surya Grahan 2022: एक साथ बन रहा सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग, सुख-शांति के लिए करें ये उपाय

Sun, 24 Apr 2022 07:08 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
एक साथ बन रहा सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग - फोटो : Self
Shani Amavasya-Surya Grahan 2022: 30 अप्रैल 2022 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ये सूर्य ग्रहण बेहद ही खास माना जा रहा है। इसी दिन शनि अमावस्या भी है। ज्योतिष की दृष्टि से सूर्यग्रहण और शनि अमावस्या का एक ही दिन पड़ना अद्भुत संयोग माना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि देव को सूर्य का पुत्र कहा जाता है। ऐसे में कहा जाता है कि यदि सूर्य और शनि दोनों ही ग्रह एक साथ प्रसन्न हों, तो बहुत ही उत्तम रहेगा। इस बार सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या एक साथ है। ऐसे में यदि ग्रहण और शनि अमावस्या के दौरान कुछ उपाय किए जाएं तो दोनों ही ग्रहों को अनुकूल किया जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन कुछ उपायों को करने से जीवन में सभी प्रकार की परेशानियों से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। तो चलिए आज जानते हैं उपाय...  
विज्ञापन

2 of 6
एक साथ बन रहा सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग - फोटो : अमर उजाला।
इन चीजों का दान करें
शनि अमावस्या और ग्रहण के दौरान धन वृद्धि के लिए अनाज, शत्रुओं के अंत के लिए काले तिल, विपत्ति से सुरक्षा के लिए छाता, पूर्वजों से मुक्ति के लिए उड़द की दाल, शनि के प्रभाव से मुक्ति के लिए सरसों का तेल दान करना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 6
एक साथ बन रहा सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग - फोटो : iStock
शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं
शनि अमावस्या के शुभ योग में प्रातः जल्दी स्नान आदि करने के बाद शनि मंदिर जाकर पूजा-पाठ करें और शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। नीले फूल अर्पित करें। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

4 of 6
एक साथ बन रहा सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग - फोटो : iStock
शमी के पेड़ की पूजा करें 
साथ ही शनिअमावस्या और ग्रहण के दिन शनि दोष से छुटकारा के लिए शमी पेड़ की पूजा करनी चाहिए। ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम के वक्त इस पेड़ के नीचे सरसों का दीया जलाएं। इस उपाय से घर में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही शनि के बुरे प्रभावों से भी छुटकारा मिलता है। 
विज्ञापन

5 of 6
एक साथ बन रहा सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग - फोटो : iStock
शिव सहस्त्रनाम का पाठ करें
शनि अमावस्या के दिन शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करने से शनि के प्रकोप का भय खत्म होता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
एक साथ बन रहा सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग - फोटो : Instagram
इस मंत्र का करें जाप
शनिदेव के प्रकोप को शांत करने के लिए इस दिन मंत्र का जाप करें। शनिदेव को समर्पित इस मंत्र को श्रद्धा के साथ जपने से निश्चित रूप से आपको लाभ होगा।
सूर्य पुत्रो दीर्घ देहो विशालाक्ष: शिव प्रिय:।
मंदाचाराह प्रसन्नात्मा पीड़ां दहतु में शनि:।।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें