भारत और पाकिस्तान के बीच 1947 के बाद सीमा की दीवार खड़ी हो गई और जो उस पार चले गए वह पाकिस्तानी हो गए। जो इस पार रह गए वह हिंदुस्तानी हो गए। लेकिन इससे पहले तक दोनों देश एक थे और यह पूरा एक आंगना के समान था इस पार के लोग उस पार जाकर तीर्थयात्रा किया करते थे और उस पार के लोग इधर आकर मां के दर्शन पाते थे। किसी के लिए कोई रोक टोक नहीं थो न विजा की जरुरत थी न पासपोर्ट की।
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पाकिस्तान में भक्तों की रक्षा करती है यह देवी, भगवान राम ने भी इनकी पूजा की है
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हिंगलाज देवी
बंटवारे ने सब कुछ बदल दिया और 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ पाकिस्तान के हिस्से वाले क्षेत्र में चला गया। इस शक्तिपीठ के बारे में ब्रह्मवैवर्त पुराण में लिखा है कि यहां पर भगवान श्री राम ने रावण वध के कारण लगे ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति के लिए देवी की पूजा की थी।
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पाकिस्तान में भक्तों की रक्षा करती है यह देवी, भगवान राम ने भी इनकी पूजा की है
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हिंगलाज माता
आज यह शक्तिपीठ पाकिस्तान में रहने वाले हिंदूओं के लिए आस्था का केन्द्र है और उस पार रहने वाले हिंदू इन्हें भारत के वैष्णो देवी की तरह की मानते हैं। उनका मानना है कि देवी पाकिस्तान में उनकी रक्षा करती है और उनकी मुरादें भी पूरी करती हैं। हिंदू भक्त इस देवी को हिंगलाज माता के नाम से जानते हैं जबकि मुसलमान इसे नानी का मंदिर कहते हैं।
पाकिस्तान में भक्तों की रक्षा करती है यह देवी, भगवान राम ने भी इनकी पूजा की है
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हिंगलाज माता
- फोटो : pinterest
माता के इस मंदिर की यात्रा करने की चाहत रखने वाले भारतीयों को अब पासपोर्ट और वीजा की जरूरत पड़ती है। लेकिन अगर आप माता के दर्शन की ठान लें तो सब कुछ सुलभ हो जाता है। तो चलिए नवरात्र के मौके पर पाकिस्तान में स्थित शक्तिपीठ में विराजमान माता हिंगलाज के गुफा तक जाने का रास्ता और गुफा के दर्शन कर लें।
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पाकिस्तान में भक्तों की रक्षा करती है यह देवी, भगवान राम ने भी इनकी पूजा की है
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हिंगलाज माता
जिस तरह मां वैष्णो देवी गुफा में पिंडी रूप में मौजूद हैं उसी तरह देवी हिंगलाज भी पिंडी रूप में गुफा में मौजूद हैं। जिन्होंने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए हैं उन्हें यहां आकर ऐसा लगेगा मानो वह पाकिस्तान में नहीं बल्कि माता वैष्णो देवी के दरबार में आ गए हैं।
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हिंगलाज माता
मंदिर के पास स्थिति इस हिंगोल नदी में स्नान करके तीर्थयात्री तन मन को शुद्ध करते हैं। इसके बाद माता के मंदिर में जाकर देवी के दर्शन पाते हैं।
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हिंगलाज माता
देवी हिंगलाज के विषय में माना जाता है कि यहां देवी सती का ब्रह्मरंध्र यानि सिर गिरा था। ऐसा माना जाता है जो इनके दर्शन कर लेता है उनके कई जन्मों के पाप कट जाते हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण में उल्लेख है कि इस देवी ने परशुराम जी के कोप से क्षत्रियों की रक्षा की थी।