शास्त्रों में 16 संस्कार का जिक्र किया गया है जिनमें एक संस्कार विवाह है जिसे शास्त्रों में काफी महत्व दिया गया है क्योंकि इस संस्कार से दो परिवार, दो व्यक्ति और आत्माओं का मिलन होता है और यह समाज के निर्माण में सहायक होता है। इसलिए विवाह को लेकर शास्त्रों में कई नियम नीतियों का जिक्र किया गया है। महाराजनीतिज्ञ चाण्क्य ने भी विवाह को लेकर कई बातें कही है और महाभारत के अनुशासन पर्व में भी इनका उल्लेख किया गया जिसमें समझाया गया है कि व्यक्ति को विवाह से पहले किन-किन बातों को जान लेना चाहिए।