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Sawan Vinayak Chaturthi 2024: कब है सावन की विनायक चतुर्थी व्रत ? यहां जानें तिथि पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व

Sat, 03 Aug 2024 11:42 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सावन विनायक चतुर्थी 2024 - फोटो : amar ujala
Sawan Vinayak Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी व्रत सावन माह में श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन विनायक चतुर्थी का व्रत करने और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। जिस प्रकार चतुर्दशी की मासिक तिथि भगवान शिव को समर्पित है, उसी प्रकार चतुर्थी की मासिक तिथि भी भगवान शिव के पुत्र श्री गणेश को समर्पित है।  सावन विनायक चतुर्थी के व्रत के दिन शिव योग और रवि योग बन रहा है। इस दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र भी है। ऐसा माना जाता है कि विनायक चतुर्थी व्रत के दौरान चंद्रमा को देखना वर्जित है। धार्मिक मान्यता है कि चतुर्थी व्रत करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। यह सावन की दूसरी चतुर्थी होगी। वहीं, पहली चतुर्थी सावन कृष्ण पक्ष की थी। आइए जानते हैं सावन में विनायक चतुर्थी किस दिन होगी और कौन से शुभ योग बनेंगे । 
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सावन विनायक चतुर्थी 2024 - फोटो : अमर उजाला
सावन विनायक चतुर्थी 2024 कब है? 
पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि आरंभ: 7 अगस्त, बुधवार, रात्रि 10: 05 मिनट से 
श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि समाप्त:  8 अगस्त, गुरुवार, देर रात 12 बजकर 36 मिनट पर 
ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, सावन की विनायक चतुर्थी 8 अगस्त को है।  इसी दिन चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। 
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सावन विनायक चतुर्थी 2024 - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
सावन विनायक चतुर्थी 2024 मुहूर्त 
विनायक चतुर्थी के दिन पूजा का मुहूर्त : प्रातः 11:07 मिनट से  दोपहर 01:  46 मिनट तक।
सावन की विनायक चतुर्थी के दिन पूजा के लिए 2 घंटे 40 मिनट का शुभ मुहूर्त है। 

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सावन विनायक चतुर्थी 2024 - फोटो : freepik
शुभ योग में सावन विनायक चतुर्थी 2024
सावन विनायक चतुर्थी के दिन शिव योग और रवि योग बनता है। विनायक चतुर्थी व्रत के दिन सुबह से 12:39 तक शिव योग है, उसके बाद सिद्ध योग बनता है। योगाभ्यास के लिए शिव योग अच्छा माना जाता है। विनायक चतुर्थी के व्रत वाले दिन रवि योग भी बनता है। रवि योग शाम 5:47 से 23:34 तक रहेगा। 
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सावन विनायक चतुर्थी - फोटो : freepik
विनायक चतुर्थी पर न देखें चंद्रमा
8 अगस्त को विनायक चतुर्थी पर चंद्रमा का उदय रात्रि  8 बजकर 59 मिनट पर होगा।  वहीं, चंद्रमा का अस्त रात्रि 9  बजकर 21 मिनट पर होगा। विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने की मनाही है, क्योंकि इस दिन देखने से झूठा कलंक लगता है।  इसलिए इस दिन चंद्रमा को देखना वर्जित माना जाता है। .
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सावन विनायक चतुर्थी - फोटो : free pik
विनायक चतुर्थी महत्व
ऐसा माना जाता है कि विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है और साधक के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। इस व्रत से होने वाला कष्ट साधक को जीवन भर के कार्यों में सफल बनाता है।
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सावन विनायक चतुर्थी - फोटो : freepik
विनायक चतुर्थी पूजा विधि 
विनायक चतुर्थी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर भगवान का स्मरण और पूजा करके दिन की शुरुआत करें। फिर अपनी दैनिक दिनचर्या और घर की साफ-सफाई के बाद नहा लें और साफ कपड़े पहन लें। अब अपने घर के पूजा स्थल या मंदिर को अच्छी तरह साफ कर लें। आप चाहें तो मंदिर को गंगा जल छिड़क कर भी शुद्ध कर सकते हैं। अब एक चौकी पर साफ पीला या लाल कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर रखें, भगवान गणेश की मूर्ति के सामने घी और धूप का दीपक जलाएं और रोली और चावल से भगवान गणेश का तिलक करें।
अब फूल या माला चढ़ाएं।  फल और मिठाई अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक और दूर्वा घास बहुत प्रिय मानी जाती है। उनकी कृपा पाने के लिए विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को दूर्वा घास, मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। इसके बाद आरती करें।  पूजा के अंत में भगवान गणेश से आशीर्वाद, भाग्य, समृद्धि और धन के लिए प्रार्थना करें और प्रसाद वितरित करें। इस दिन भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करना भी बहुत शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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