कांवड़ यात्रा के चलते किया रूट डायवर्जन
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कावड़ यात्रा का महत्व
शिव जी को सभी देवों में सबसे उच्च स्थान प्राप्त है, इसलिए वे देवाधिदेव महादेव कहलाते हैं। वे कालों के भी काल महाकाल हैं। इनकी कृपा से बड़ा से बड़ा संकट भी टल जाता है। ऐसी मान्यता है कि शिव जी बहुत ही आसानी से प्रसन्न हो जाने वाले देव हैं। वे केवल भाव के भूखे हैं, यदि कोई श्रद्धा पूर्वक उन्हें केवल एक लोटा जल अर्पित कर दे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए उन्हें प्रसन्न करने के लिए हर साल उनके भक्ति कावड़ यात्रा निकालते हैं।