गंगा की रेत से बनाया था शिवलिंग
इस प्रकार भगवान श्रीराम ने गंगा की रेत से शिवलिंग बनाकर पूजन किया और उसके बाद पापमुक्त होकर भारद्वाज मुनि का आशीर्वाद प्राप्त किया। भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित इस शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि इसमें एक पुष्प, एक लोटा जल आदि चढ़ाने से एक करोड़ गुना फल प्राप्त होता है। भगवान शिव के इस मंदिर के नाम पर न मंदिर क्षेत्र का नाम शिवकुटी पड़ा। सावन के महीने में यहां पर बड़ा मेला लगता है। जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पर दर्शन करने आते हैं।