Ram Navami 2022: आज रामनवमी का त्योहार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था। तब से इस तिथि को राम भगवान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसे राम नवमी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान राम की पूजा और आराधना करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा भगवान की आरती और चालीसा का बहुत अधिक महत्व होता है। रामनवमी के पावन दिन पर आरती, चालीसा करने से भगवान श्री राम की कृपा बरसती है और जीवन से सभी दुख भी दूर हो जाते हैं...
श्री राम स्तुति
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।