राम मंदिर, अयोध्या
- फोटो : ram mandir bhoomi pujan
सवाल: तुला लग्न चर लग्न है। उसमें मंदिर निर्माण का मुहूर्त कैसे दिया गया, जबकि इसके लिए स्थिर लग्न या द्विस्वभाव के लग्न में मुहूर्त देना चाहिए था?
जवाब: लग्नशुद्धि देखकर मुहूर्त देना अत्यन्त कठिन होता है। क्योंकि उसमें कई चीजों का विचार करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसी स्थिति में जब स्थिर लग्न में मुहूर्त नहीं मिलता है तो संकटकाल में चर लग्न की परिस्थिति में नवांश स्थिर लेते हैं। अतः 5 अगस्त को मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का मुहूर्त तुला लग्न में वृषनवांश में मुहूर्त आवश्यक होने से दिया गया है।