फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pitru Paksh 2022: पितृपक्ष में देवी-देवता की पूजा सही या गलत? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र

Mon, 12 Sep 2022 02:20 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
पितृपक्ष में देवी देवता की पूजा सही या गलत - फोटो : अमर उजाला
Pitru Paksha Me Puja Karna Chahiye Ki Nahi: पितृपक्ष आरंभ हो चुके हैं। भाद्रपद माह के पूर्णिमा तिथि से लेकर अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि तक पितृपक्ष चलते हैं। पितृपक्ष की शुरुआत आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि से हो चुकी है और इसकी समाप्ति आश्विन माह की अमावस्या यानी 25 सितंबर को होगी। पितृपक्ष यानी श्राद्ध का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। पितृपक्ष में पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करके उनका श्राद्ध कर्म किया जाता है। श्राद्ध न केवल पितरों की मुक्ति के लिए किया जाता है, बल्कि उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिए भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता और पौराणिक शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में सभी प्रकार के मांगलिक व शुभ कार्य वर्जित होते हैं। शास्त्रों में देवी-देवताओं की पूजा के साथ पूर्वजों की पूजा भी वर्जित मानी जाती है। ऐसे में सबके मन में एक सवाल कौंधता है कि पितृपक्ष में देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए या नहीं। आइए जानते हैं इसके बारे में। 
विज्ञापन

2 of 5
देवी-देवता की पूजा सही या गलत - फोटो : istock
देवी-देवता की पूजा सही या गलत
पितरों को पूजनीय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष के दौरान पितर पृथ्वी पर वास करते हैं। ऐसे में इस दौरान पितरों की पूजा करना बेहद कल्याणकारी माना गया है। लेकिन क्या पितृपक्ष के दौरान देवी-देवता की पूजा करनी चाहिए या नहीं? शास्त्रों के अनुसार पितर पक्ष में प्रतिदिन की तरह ही पूजा करनी चाहिए। हालांकि इस दौरान पितर हमारे पूजनीय अवश्य हैं लेकिन ईश्वर से उच्च नहीं है। इसीलिए इस दौरान हमें देवी-देवता की पूजा करनी चाहिए। 
विज्ञापन

3 of 5
देवी-देवता की पूजा सही या गलत - फोटो : अमर उजाला
इन बातों का ध्यान जरूरी 
यदि आपके घर में आपके पितरों की तस्वीर है तो उनको लेकर पितृपक्ष में ही नहीं बल्कि भविष्य में भी कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। आइए जानते हैं क्या हैं वो बातें। 
  • घर के मंदिर में कभी भी देवी-देवताओं की तस्वीर के साथ पूर्वजों या दिवगंत परिजनों की तस्वीर न लगाएं। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार पितरों की तस्वीर का मुख हमेशा घर में दक्षिण दिशा की तरफ रखें।  
 

4 of 5
देवी-देवता की पूजा सही या गलत - फोटो : अमर उजाला
  • वास्तु शास्त्र की मानें तो घर में पितरों की एक से अधिक तस्वीर नहीं होनी चाहिए। 
  • इस बात का ध्यान रखें कि देवी देवताओं की पूजा के बिना पितृपक्ष में श्राद्ध, पिंडदान इत्यादि का फल नहीं मिलता है। 
  • इसीलिए पितृपक्ष के दौरान प्रातः काल स्नान करने के बाद नित्य की तरह ही देवी-देवता की पूजा करनी चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
देवी-देवता की पूजा सही या गलत
पितृपक्ष में पितृ दोष दूर करने के उपाय 
  • पितृ दोष के छुटकारा पाने के लिए पीपल के पेड़ जल अर्पित करें। 
  • अमावस्या के दिन पीपल में जल से साथ-साथ ही फूल, अक्षत, दूध और काले तिल भी चढ़ाएं।
  • पितृ दोष दूर करने के लिए पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण-श्राद्ध और पिंडदान करें। 
  • दक्षिण दिशा में पितरों की तस्वीर लगाकर रोज उनको प्रणाम करने से पितृ दोष से राहत मिलती है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें