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Navratri 2022 Date: शारदीय नवरात्रि कब से शुरू? जानिए महत्व, कलश स्थापना शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Mon, 12 Sep 2022 07:07 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नवरात्रि 2022 शुभकामना - फोटो : amar ujala
अभी पितृ पक्ष जारी है और जैसे ही पितृ पक्ष खत्म होगा उसके फौरन बाद ही शारदीय नवरात्रि आरंभ हो जाएंगे। हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व होता है। इस बार 26 सितंबर से 5 अक्तूबर 2022 तक नवरात्रि होंगे। मान्यता है कि मां दुर्गा नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान कैलाश पर्वत से पृथ्वी लोक पर आती हैं। नवरात्रि के 9 दिनों तक माता दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा उपासना और साधना की जाती है। इसके अलावा मां दुर्गा की उपासना के साथ 9 दिनों का व्रत भी रखा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन यानी प्रतिपदा पर घटस्थापना होती है।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
आश्विन नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर 2022 को सुबह 03 बजकर 23 मिनट से शुरू हो जाएगी जो 27 सितंबर 2022 को सुबह 03 बजकर 08 मिनट पर खत्म होगी। ऐसे में इस शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 26 सितंबर 2022 को सुबह 6 बजकर 11 मिनट से लेकर 7 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।  इसके अलावा इस दिन अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट पर किया जा सकता है।
 
शारदीय नवरात्रि 2022
 
घटस्थापना मुहूर्त 
 
अवधि
नवरात्रि 2022 सुबह 06 बजकर 11 मिनट से 07 बजकर 51 मिनट तक 1 घंटे 40 मिनट
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नवरात्रि 2022 शुभकामना - फोटो : amar ujala
कलश स्थापना पूजा विधि
  • नवरात्रि पर सभी तरह के शुभ कार्य किए जा सकते हैं। मां दुर्गा इस दिन भक्तों के घर आती हैं ऐसे में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ स्वास्तिक बनाएं और दरवाजे पर आम और अशोक के पत्ते का तोरण लगाएं। 
  • नवरात्रि में माता की मूर्ति को लकड़ी की चौकी या आसन पर स्थापित करना चाहिए। जहां मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें वहां पहले स्वास्तिक का चिह्न बनाएं। उसके बाद रोली और अक्षत से टीकें और फिर वहां माता की मूर्ति को स्थापित करें। उसके बाद विधिविधान से माता की पूजा करें।
  • उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को पूजा के लिए सर्वोत्तम स्थान माना गया है। आप भी अगर हर साल कलश स्थापना करते हैं तो आपकी इसी दिशा में कलश रखना चाहिए और माता की चौकी सजानी चाहिए।
  • शास्त्रों में कलश पर नारियल रखने के विषय में बताया गया है कि “अधोमुखं शत्रु विवर्धनाय, ऊर्धवस्य वस्त्रं बहुरोग वृध्यै। प्राचीमुखं वित विनाशनाय, तस्तमात् शुभं संमुख्यं नारीलेलंष्।” यानी कलश पर नारियल रखते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि नारियल का मुख नीचे की तरफ न हो।
  • शारदीय नवरात्रि 2022 पर शुभ योग 

शारदीय नवरात्रि 2022  नवरात्रि के दिन  शुभ योग
पहला दिन माँ शैलपुत्री देवी  सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग
दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी देवी  
तीसरा दिन चंद्रघंटा देवी  
चौथा दिन कुष्मांडा देवी  रवि योग
पांचवां दिन स्कंदमाता देवी सर्वार्थ सिद्धि योग
छठा दिन कात्यायनी देवी रवि योग
सातवां दिन कालरात्रि देवी सर्वार्थ सिद्धि योग
आठवां दिन महागौरी देवी रवि योग
नौवां दिन सिद्धिदात्री देवी  
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Shardiya Navratri 2022 - फोटो : iStock

मां के नौ रूपों की पूजा

  • घटस्थापना के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत होती है। पहले दिन मां शैलपुत्री तो दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कुष्मांडा, तो पांचवे दिन स्कंदमाता की पूजा होती है। छठे दिन मां कात्यायनी एवं सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। आठवें दिन महागौरी तो नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
  • शारदीय नवरात्रि 2022

दिन नवरात्रि दिन तिथि  पूजा-अनुष्ठान 
26 सितंबर 2022 नवरात्रि दिन 1 प्रतिपदा    माँ शैलपुत्री पूजा घटस्थापना
27 सितंबर 2022   नवरात्रि दिन 2     द्वितीया    माँ ब्रह्मचारिणी पूजा
28 सितंबर 2022   नवरात्रि दिन 3     तृतीया    माँ चंद्रघंटा पूजा
29 सितंबर 2022   नवरात्रि दिन 4  चतुर्थी    माँ कुष्मांडा पूजा
30 सितंबर 2022   नवरात्रि दिन 5 पंचमी    माँ स्कंदमाता पूजा
01 अक्तूबर 2022  नवरात्रि दिन 6 षष्ठी    माँ कात्यायनी पूजा
02 अक्तूबर 2022  नवरात्रि दिन 7   सप्तमी    माँ कालरात्रि पूजा
03 अक्तूबर 2022   नवरात्रि दिन 8 अष्टमी   माँ महागौरी दुर्गा महा अष्टमी पूजा
04 अक्तूबर 2022 नवरात्रि दिन 9 नवमी     माँ सिद्धिदात्री दुर्गा महा नवमी पूजा
05 अक्तूबर 2022 नवरात्रि दिन 10 दशमी     नवरात्रि दुर्गा विसर्जन, विजय दशमी
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Navratri 2022 - फोटो : iStock
नवरात्रि पूजा सामग्री
  • मां दुर्गा जी की पूजा में दूर्वा, तुलसी,आंवला, आक और मदार के फूल अर्पित नहीं करें। लाल रंग के फूलों व रंग का अत्यधिक प्रयोग करें।
  • शारदीय नवरात्रि 2022, घटस्थापना के लिए पूजा सामग्री

शारदीय नवरात्रि 2022 घटस्थापना के लिए पूजा सामग्री घटस्थापना के लिए पूजा सामग्री
नवरात्रि कलश
माता की फोटो
7 तरह के अनाज
मिट्टी का बर्तन 
पवित्र मिट्टी
गंगाजल 
आम या अशोक के पत्ते 
सुपारी
जटा वाला नारियल
अक्षत 
लाल वस्त्र
पुष्प
     
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नवरात्रि 2022 शुभकामना - फोटो : amar ujala
दुर्गा सप्तशती की महिमा
सप्तशती में कुछ ऐसे भी स्तोत्र और मंत्र हैं,जिनका विधिवत पाठ करने से सभी तरह की मनोकामना अवश्य पूरी होती है।

1- सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। 
शरण्येत्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते।।


2- सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः। 
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय।।


3- देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। 
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजही |
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