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Pitru Paksha 2024: आज है पितृ पक्ष का दूसरा श्राद्ध, इस मुहूर्त में करें तर्पण और श्राद्ध कर्म की विधि

Thu, 19 Sep 2024 10:20 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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pitru paksha 2024 - फोटो : amar ujala
Pitru Paksha 2024 Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में हर साल भाद्रपद पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। आज पितृ पक्ष के दूसरे दिन गुरुवार 19 सितंबर को श्राद्ध कर्म किया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान पितृ लोक के पूर्वज धरती पर आते हैं। इस दौरान श्राद्ध करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और अपने परिवार के सदस्यों को आशीर्वाद देते हैं। पितृ पक्ष के दूसरे दिन श्राद्ध करने के लिए शुभ समय निर्धारित किया जाता है, इस दौरान श्राद्ध करके पितरों को प्रसन्न किया जा सकता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दूसरे दिन यानी आज का दिन पितृ पक्ष का है। श्राद्ध पक्ष की दूसरी तिथि पर उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की इस तिथि को हुआ था। पंचांग के अनुसार, इस दिन शुक्ल पक्ष अथवा कृष्ण पक्ष दोनों ही पक्षों की द्वितीया तिथि का श्राद्ध किया जा सकता है। यदि पिता की तिथि ज्ञात न हो तो पितृ विसर्जन के दिन ही श्राद्ध करना चाहिए। द्वितीया श्राद्ध को सम्पन्न करने के लिए कुतुप, रौहिण, अपराह्न मुहूर्त आदि शुभ मुहूर्त माने जाते हैं। 

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pitru paksha 2024 - फोटो : istock
तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष  की द्वितीया तिथि आरंभ: 19 सितंबर, 04 बजकर 19 मिनट पर 
पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष की द्वितीया तिथि समाप्त: 20 सिंतबर, रात्रि 12 बजकर 39 मिनट पर 
कुतुप मूहूर्त: प्रातः 11:50 मिनट से दोपहर 12:39 मिनट तक रहेगा।  इस मुहूर्त में श्राद्ध के लिए केवल 49 मिनट का समय मिलेगा। 
रौहिण मूहूर्त: दोपहर 12: 39 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।  इस मुहूर्त में श्राद्ध-तर्पण के लिए भी 49 मिनट का समय मिलेगा। 
अपराह्न काल का मुहूर्त:  दोपहर 01: 28 मिनट से 03: 54 मिनट तक रहेगा। 
इस मुहूर्त में पितरों के श्राद्ध के लिए कुल 2 घण्टे 27 मिनट का समय मिलेगा। 
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pitru paksha 2024 - फोटो : istock
वृद्धि योग का भी निर्माण 
पितृ पक्ष के दूसरे दिन वृद्धि योग का निर्माण हो रहा है। वृद्धि योग का समापन संध्याकाल 07 बजकर 19 मिनट पर होगा। इसके बाद ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का संयोग सुबह 08 बजकर 04 मिनट से हो रहा है। वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग का समापन 20 सितंबर को सुबह 06 बजकर 09 मिनट पर होगा। अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर तैतिल और गर करण के योग बन रहे हैं। इन योग में पितरों का तर्पण कर सकते हैं।

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pitru paksha 2024 - फोटो : सोशल मीडिया
कैसे करें द्वितीया श्राद्ध कर्म
  • पितृ पक्ष के दूसरे दिन घर के मुख्य द्वार पर फूल आदि रखकर पितरों का आह्वान करें। 
  • सबसे पहले हम कौवा, कुत्ता और गाय ग्रास निकालते हैं, जो यम का प्रतीक हैं।
  • एक पात्र में दूध, जल, तिल और फूल रखें।
  • तीन बार कुश और काले तिल  से तर्पण करें। 
  • ब्राह्मणों को वस्त्र, फल, मिठाई आदि दान करें।
  • जिन लोगों को ब्राह्मण नहीं मिले वे मंदिर में भोजन आदि वितरित कर सकते हैं।
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pitru paksha 2024 - फोटो : अमर उजाला
कौन कर सकता है श्राद्ध
पितृ पक्ष के इन दिनों में पितरों को भोजन, फल, मिठाई आदि का दान करना पसंद होता है।  उनका आशीर्वाद प्राप्त करने से पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है। ऐसा माना जाता है कि श्राद्ध तीन पीढ़ियों तक किया जा सकता है और इसका अधिकार पुत्र, पौत्र, भतीजी और भतीजे को होता है। इस बार किसी तिथि का क्षय नहीं है। अत: पूरे सोलह दिन तर्पण किया जा सकता है। इन दिनों पितर अपने रिश्तेदारों के घर आते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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