अगर ऑफिस की व्यस्तता ज्यादा है तो पितृ पक्ष शुरू होने से पहले अपने पितर की श्राद्ध तिथि पता कर लें।
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नौकरीपेशा लोग कैसे करें श्राद्ध?
अगर ऑफिस की व्यस्तता ज्यादा है तो पितृ पक्ष शुरू होने से पहले अपने पितर की श्राद्ध तिथि पता कर लें। उस दिन सुबह स्नान आदि के बाद अपनी परंपरा के अनुसार तर्पण और श्राद्ध करें। यदि मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, तो सर्वपितृ अमावस्या का दिन चुना जा सकता है। श्राद्ध कर्म में विधि के साथ श्रद्धा और सम्मान की भावना को भी महत्वपूर्ण माना गया है। इसलिए व्यस्तता के कारण पूरे 15 दिन कर्म न कर पाने पर परेशान होने के बजाय उपलब्ध समय में उचित तिथि पर विधिपूर्वक श्राद्ध करना बेहतर है।
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