पितृपक्ष में किन चीजों को खरीदना वर्जित है?
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पितृपक्ष में किन चीजों को खरीदना वर्जित है?
लोहा या लोहे का सामान
पितृपक्ष में लोहे या लोहे से बने किसी भी सामान को खरीदना शुभ नहीं माना जाता। ऐसा इसलिए क्योंकि लोहे में नकारात्मक ऊर्जा होती है और इसे खरीदने से पितृशांति में बाधा आ सकती है। इस अवधि में लोहे के बर्तनों, उपकरणों या अन्य लोहे के सामान को खरीदने से बचना चाहिए।
नए कपड़े
पितृपक्ष के दौरान नए कपड़े खरीदना भी टाला जाता है। यह समय श्राद्ध, तर्पण और पितृ पूजा का होता है, इसलिए नए कपड़े खरीदना और पहनना शुभ नहीं माना जाता। खासकर नए वस्त्रों की खरीद से घर में अशांति या पितृ दोष बढ़ सकता है।
सोने-चांदी के आभूषण
इस समय सोने या चांदी के आभूषण खरीदना भी उचित नहीं होता। माना जाता है कि पितृपक्ष में इस तरह की महंगी वस्तुएं खरीदने से पितृ क्रोधित हो सकते हैं और शुभ कार्यों में बाधा आ सकती है। इसलिए इस समय आभूषण खरीदने से बचना चाहिए।
वाहन खरीदना
पितृपक्ष के दौरान वाहन खरीदना भी शुभ नहीं माना जाता। नए वाहन की खरीद से नए कष्ट या बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए इस अवधि में वाहन खरीदने से बचना चाहिए ताकि पितृशांति बनी रहे।
जमीन या मकान खरीदना
जमीन, मकान या कोई भी बड़ा संपत्ति खरीदना भी पितृपक्ष में टाला जाता है। यह समय आध्यात्मिकता और पितृशांति के लिए समर्पित होता है, इसलिए ऐसे बड़े निवेश करने से परहेज करें।
जूते-चप्पल की खरीदारी
जूते-चप्पल जैसी वस्तुओं की खरीद भी इस दौरान उचित नहीं मानी जाती। इन वस्तुओं को खरीदने से घर में अशांति आ सकती है, इसलिए पितृपक्ष के दौरान जूते-चप्पल खरीदने से बचना चाहिए।
शादी या मांगलिक कार्यों के सामान की खरीदारी
पितृपक्ष में शादी या अन्य मांगलिक कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री खरीदना भी वर्जित होता है। यह समय शोक और श्रद्धा का होता है, इसलिए ऐसे शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
झाड़ू खरीदना
पितृपक्ष के दौरान झाड़ू खरीदना भी वर्जित माना गया है। यह माना जाता है कि झाड़ू खरीदने से घर से शुभ ऊर्जा निकलती है और पितृगण क्रोधित हो सकते हैं।