पितृ पक्ष
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2. द्वितीय श्वान बलि:- पत्ते पर भोजन रखकर कुत्ते को भोजन कराया जाता है।
फायदा: कुत्ते को भोजन देने से पितरों के देव यमराज प्रसन्न होते हैं। इसे भैरव महाराज भी प्रसन्न होते हैं। इस कर्म से जातक आकस्मिक संकटों से बच जाता है। कुत्ता आपकी राहु, केतु के बुरे प्रभाव, शत्रुओं और यमदूत, भूत प्रेत आदि से रक्षा करता है। ज्योतिष के अनुसार केतु का प्रतीक है कुत्ता। केतु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।