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Panchbali Karma: श्राद्ध पक्ष में करें पंचबलि कर्म, पितृ दोष से मिलेगा छुटकारा, जीवन की सभी बाधाएं होंगी दूर

Wed, 10 Sep 2025 12:39 PM IST
ज्योति मेहरा शैली प्रकाश

सार

श्राद्ध पक्ष में पंचबलि कर्म का खास महत्व बताया गया है। श्राद्ध कर्म के अंत में यह कर्म करते हैं। पंचबलि में पांच स्थानों पर भोजन रखा जाता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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श्राद्ध पक्ष में पंचबलि कर्म के लाभ - फोटो : Amar Ujala
Benefits of Panchbali Karma in Pitru Paksha: श्राद्ध पक्ष में पितरों की मुक्ति, पितृ दोष से मुक्ति और उनके आशीर्वाद के लिए तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोज और पंचबलि कर्म किया जाता है। इसमें पंचबलि कर्म का खास महत्व बताया गया है। श्राद्ध कर्म के अंत में यह कर्म करते हैं। पंचबलि में पांच स्थानों पर भोजन रखा जाता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। 

1. प्रथम गौ बलि:- घर से पश्चिम दिशा में गाय को पलाश के पत्तों पर रखकर भोजन कराते हैं तथा गाय को 'गौभ्यो नम:' कहकर प्रणाम करते हैं।

फायदा: गाय को पत्ते पर भोजन परोस कर जल देने से भाग्य जागृत होता है। गाय को अन्न और जल देने से सभी तरह के संकट दूर होकर घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। कुंडली में बृहस्पति और शुक्र बलवान होने से धन-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
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पितृ पक्ष - फोटो : adobe stock
2. द्वितीय श्वान बलि:- पत्ते पर भोजन रखकर कुत्ते को भोजन कराया जाता है।

फायदा: कुत्ते को भोजन देने से पितरों के देव यमराज प्रसन्न होते हैं। इसे भैरव महाराज भी प्रसन्न होते हैं। इस कर्म से जातक आकस्मिक संकटों से बच जाता है। कुत्ता आपकी राहु, केतु के बुरे प्रभाव, शत्रुओं और यमदूत, भूत प्रेत आदि से रक्षा करता है। ज्योतिष के अनुसार केतु का प्रतीक है कुत्ता। केतु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।
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पितृ पक्ष - फोटो : adobe stock
3. तृतीय काक बलि:- कौओं के लिए छत पर या भूमि पर पत्तल में भोजन रखकर उसको बुलाया जाता है।

फायदा: कौआ को यमदूत, पितर और देवपुत्र माना गया है। कहते हैं कि यदि कौआ आपका भोजन ग्रहण कर ले तो समझो आपके पितर आपसे प्रसन्न और तृप्त हैं और यदि नहीं करें तो समझो कि आपके पितर आपसे नाराज और अतृप्त हैं। कौए को भविष्य में घटने वाली घटनाओं का पहले से ही आभास हो जाता है।

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पितृ पक्ष - फोटो : adobe stock
4. चतुर्थ देवादि बलि:- पत्तों पर देवताओं को बलि घर में दी जाती है। बाद में वह उठाकर घर से बाहर रख दी जाती है।

फायदा: देवबलि अर्थात पत्ते पर देवी देवताओं और पितरों को भोजन परोसा जाता है। बाद में इसे उठाकर घर से बाहर उचित स्थान रख दिया जाता है। इसे कुलदेवता और कुलदेवी प्रसन्न होकर जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करते हैं।
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पितृ पक्ष - फोटो : adobe stock
5. पंचम पिपलिकादि बलि:- चींटी, कीड़े-मकौड़ों आदि के लिए जहां उनके बिल हों, वहाँ चूरा कर भोजन डाला जाता है। खासकर पीपल के वृक्ष के नीचे।

फायदा: इससे सभी तरह के संकट मिट जाते हैं और घर परिवार में सुख एवं समृद्धि आती है। पक्षियों को जल अर्पित करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। हर कार्य आसानी से होने लगते हैं।
-शैली प्रकाश


 
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