Pitru Paksha 2023: श्राद्ध करने से प्रसन्न होते हैं पूर्वज
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पितृ प्रसन्न तो घर संपन्न
धर्मशास्त्रों के अनुसार हमें जो शरीर दिखाई देता है, उसे स्थूल शरीर कहा जाता है और जो शरीर अदृश्य है, वह सूक्ष्म शरीर कहलाता है। स्थूल शरीर पंचतत्व, अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल, आकाश से निर्मित है। आत्मा के साथ पंचतत्व एक-दूसरे में अंतर्निहित होकर मानव पिंड की रचना करते हैं। जब आत्मा भौतिक स्थूल शरीर से निकल जाती है तो पंचतत्व का अपना कोई पृथक अस्तित्व नहीं रहता है। कहा जाता है, एक बार पांचों तत्व- अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल, आकाश के बीच वाद-विवाद होने लगा। वायु ने कहा कि मनुष्य मेरे कारण ही जीवित रहता है, मेरे जाते ही क्षण भर में उसकी जीवन-लीला समाप्त हो जाती है। यह सुनकर पृथ्वी तत्व बोला, मेरे कारण ही शरीर अस्तित्व में है, मेरे न होने पर मानव का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता है।