पुराणों में बताया गया है कि जिन व्यक्तियों की मृत्यु दुर्घना, सांप काटने, जहरीली चीजें खाने से होती है या किसी कारण से हत्या हो जाने पर मृत्यु होती है उनकी मृत्यु अकाल मृत्यु कहलाती है।
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पितृ पक्ष का यह दिन भटकती आत्माओं की शांति के लिए होता है खास
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भूत
इस तरह से शरीर का त्याग करने वालों की आत्मा असंतुष्ट और व्याकुल होकर भटकती है। ऐसे लोगों की आत्मा को परलोक में तब-तक स्थान नहीं मिलता है जब तक धरती पर उनके रहने का समय पूरा नहीं होता है। इसलिए ऐसी आत्माएं अपने परिजनों के आस-पास भटकती रहती हैं।
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पितृ पक्ष का यह दिन भटकती आत्माओं की शांति के लिए होता है खास
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श्राद्ध
गरूड़ पुराण, भविष्य पुराण, कठोपनिषद में बताया गया है कि ऐसी आत्माओं की शांति के लिए पितृपक्ष में इनका तर्पण जरूर करना चाहिए। इसके लिए पितृपक्ष में एक खास दिन निर्धारित है।
पितृ पक्ष का यह दिन भटकती आत्माओं की शांति के लिए होता है खास
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श्राद्ध
शास्त्रों के अनुसार सर्वपितृ श्राद्ध का दिन यानी आश्विन कृष्ण चतुर्दशी तिथि के दिन अकाल मृत्यु को प्राप्त हुए व्यक्तियों के नाम से तर्पण पूजन किया जाना चाहिए। इससे आत्मा को शांति मिलती है जिससे घर में सुख शांति बनी रहती है। यह तिथि इस वर्ष 29 सितंबर को है।
पितृ पक्ष का यह दिन भटकती आत्माओं की शांति के लिए होता है खास
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ghost
- फोटो : ghost
शास्त्रों में बताया गया है कि घर से बाहर किसी की मृत्यु हो जाए और उनकी मृत्यु की तिथि का पता नहीं हो। ऐसी स्थिति में आत्मा की शांति के लिए सर्वपितृ तर्पण के दिन श्राद्ध करना चाहिए। माना जाता है कि जो लोग इस दिन आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध तर्पण नहीं करते हैं उनके पितर नाराज होते हैं और परिवार में कई तरह की परेशानियां आती हैं।