राजस्थान के जैसलमेर से करीब 120 किलोमीटर दूर भारत पाकिस्तान की सीमा के पास देवी का एक मंदिर स्थित है। इस मंदिर में निवास करती हैं 51 शक्तिपीठों में एक देवी हिंगलाज का स्वरूप मां तनोट।
विज्ञापन
भारत के इस सीमा की रक्षा करती है एक देवी, पाकिस्तान भी इनसे घबराता है
2 of 8
तनोट माता
भारत पाकिस्तान के विभाजन के बाद माता हिंगलाज पाकिस्तान के हिस्से में रह गई। लेकिन उनका एक स्वरूप अपने भक्त की श्रद्धा और भक्ति के कारण भारत के हिस्से में आ गई। इस संदर्भ कथा इस प्रकार है।
विज्ञापन
भारत के इस सीमा की रक्षा करती है एक देवी, पाकिस्तान भी इनसे घबराता है
3 of 8
तनोट माता
मामरिया नाम का एक चारण था जिसकी कोई संतान नहीं थी। संतान सुख की चाहत में इन्होंने पैदल ही कई बार देवी हिंगलाज की यात्रा की। इनकी भक्ति और श्रद्धा से प्रसन्न होकर देवी हिंगलाज ने स्वयं इनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया और चमत्कार दिखाना शुरु कर दिया।
भारत के इस सीमा की रक्षा करती है एक देवी, पाकिस्तान भी इनसे घबराता है
4 of 8
तनोट माता
किशोरावस्था में देवी तनोट गांव में आकर बस गई। भाटी राजपूत नरेश तणुराव ने तनोट माता के मंदिर का निर्माण करवाया और इनकी मूर्ति स्थापित की। इस मंदिर के बारे में भक्तों की ऐसी श्रद्धा है कि देवी यहां प्रत्यक्ष निवास करती हैं और माता ने इसका सबूत भी दिया है।
विज्ञापन
भारत के इस सीमा की रक्षा करती है एक देवी, पाकिस्तान भी इनसे घबराता है
5 of 8
टैंक
1965 में जब भारत पर पाकिस्तान ने हमला किया तो यहां पर 3000 से अधिक बम पाकिस्तान की ओर दागे गए। करीब 450 गोले तो मंदिर परिसर में गिरे। लेकिन माता ने ऐसा चमत्कार दिखाया कि पाकिस्तानी सैनिकों के होश उड़ गए।
विज्ञापन
भारत के इस सीमा की रक्षा करती है एक देवी, पाकिस्तान भी इनसे घबराता है
6 of 8
तनोट माता
पाकिस्तानी सैनिक हैरान थे कि सीमा पार से धमाके की आवाजें क्यों नहीं आ रही हैं। दरअसल पाकिस्तानी सैनिकों के द्वारा दागे गए गोले देवी के चमत्कार के कारण मंदिर परिसर के आस-पास फट ही नहीं रहे थे। पाकिस्तान की ओर से दागे गए गोलों को युद्ध की निशानी के तौर पर आज भी मंदिर में सजाकर रखा गया है।
विज्ञापन
भारत के इस सीमा की रक्षा करती है एक देवी, पाकिस्तान भी इनसे घबराता है
7 of 8
टैंक
1971 के युद्ध में भी माता के चमत्कार के कारण पाकिस्तानी सैनिक मंदिर को नुकसान नहीं पहुंचा सके बल्कि माता ने रेगिस्तान को पाकिस्तानी टैंकों का कब्रिस्तान बना दिया। पाकिस्तानी टैंक रेत में घंस गए और भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी सैनिकों को टैंक छोड़कर जान बचाकर भागने पर मजबूर कर दिया।
भारत के इस सीमा की रक्षा करती है एक देवी, पाकिस्तान भी इनसे घबराता है
8 of 8
तनोट माता
माता के इस मंदिर की सेवा का जिम्मा सीमा सुरक्षा बल के पास है। दूर-दूर से भक्त यहां माता से मन्नत मांगने आते हैं और मन्नत का रुमाल बांधते हैं। श्रद्धालुओं की ऐसी धारणा है कि यहां मांगी गई मन्नत होती है।