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Rudraksha: भूलकर भी ये लोग न धारण करें रुद्राक्ष, हो सकता है फायदे की जगह नुकसान

Wed, 13 Apr 2022 06:13 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भगवान शिव से जुड़े होने के कारण रुद्राक्ष को बहुत ही पवित्र माना जाता है। - फोटो : iStock
Rudraksha: परंपरागत रूप से प्रार्थना और पूजा के उद्देश्य के लिए उपयोग किए जाने वाले रुद्राक्ष का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है।  इसका भारत में ऋषि मुनियों के साथ भी संबंध है और माना जाता है कि उनके पास आध्यात्मिक शक्तियां हैं। देवों के देव महादेव कहे जाने वाले भगवान शिव और रुद्राक्ष का गहरा संबंध है। भगवान शिव को लेकर कई सारी पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। आपने भगवान शिव को रुद्राक्ष की माला धारण किए हुए देखा होगा। भगवान शिव से जुड़े होने के कारण रुद्राक्ष को बहुत ही पवित्र माना जाता है। रुद्राक्ष को धारण करने मात्र से ही जीवन से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसूओं से हुई थी। इसलिए इस भगवान शिव का स्वरूप माना गया है। प्राणियों के कल्याण के लिए जब कई सालों तक ध्यान करने के बाद भगवान शिव ने आंखें खोलीं, तब आंसुओं की बूंदे गिरीं और धरती मां ने रुद्राक्ष के पेड़ों को जन्म दिया।  हालांकि धर्म, ज्योतिष और विज्ञान में भी रुद्राक्ष को पहनने के कई लाभ मिलते हैं लेकिन यह तभी अपना शुभ फल देता है जब इसे विधि-विधान से पहना जाए। आइए जानते हैं किन लोगों को रुद्राक्ष धारण करने से परहेज करना चाहिए। 
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बच्चे के जन्म लेने के बाद कुछ दिनों तक मां को नहीं पहनना चाहिए रुद्राक्ष। - फोटो : iStock
इन लोगों को धारण नहीं करना चाहिए रुद्राक्ष 
  • मान्यता है कि बच्चे के जन्म लेने के बाद कुछ दिनों तक मां और बच्चा अशुद्ध रहते हैं। ऐसे समय में मां को गलती से भी रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए।  
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जच्चा के कमरे में रुद्राक्ष धारण किए लोगों को प्रवेश नहीं करना चाहिए। - फोटो : iStock
  • जहां नवजात बच्चा और मां हैं वहां रुद्राक्ष धारण किए हुए लोगों को प्रवेश नहीं करना चाहिए। 

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मां-बच्चे के कमरे में प्रवेश करने से पहले रुद्राक्ष उतारकर रख दें।   - फोटो : iStock
  • यदि रुद्राक्ष पहने हैं तो सूतक हटने के बाद ही नवजात या उसकी मां के पास जाएं या मां-बच्चे के कमरे में प्रवेश करने से पहले रुद्राक्ष उतारकर रख दें।  
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रुद्राक्ष पहनकर गलती से भी धूम्रपान न करें। - फोटो : pinterst
  • रुद्राक्ष पहनकर गलती से भी धूम्रपान और मांसाहार का सेवन न करें, इससे रुद्राक्ष अपवित्र भी हो जाएगा और आपको लाभ की जगह नुकसान हो सकता है। 
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सोते समय रुद्राक्ष उतरकर तकिये के नीचे रखें। - फोटो : iStock
  • सोते समय रुद्राक्ष उतरकर तकिये के नीचे रखें, ऐसा करने से मन शांत रहता है और नींद भी अच्छी आती है।
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यदि आप किसी शवयात्रा में शमिल होते हैं तो भी रुद्राक्ष पहनकर नहीं जाना चाहिए। - फोटो : iStock
यदि आप किसी शवयात्रा में शमिल होते हैं तो भी रुद्राक्ष पहनकर नहीं जाना चाहिए। ऐसा करने से रुद्राक्ष अशुद्ध हो जाता है और यह आपके जीवन पर बुरा असर डाल सकता है।  
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रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति प्रतिदिन भगवान शिव की आराधना करें। 
रुद्राक्ष धारण करने के अन्य नियम 
  • रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति प्रतिदिन भगवान शिव की आराधना करें। 
  • किसी दूसरे का पहना हुआ रुद्राक्ष कभी न पहनें और न ही अपना रुद्राक्ष किसी और को पहनाएं।
  • रुद्राक्ष की माला बनवाते समय ध्यान रखें कि उसमें कम से कम 27 मनके जरूर हों। 
  • रुद्राक्ष को गंदे हाथों से कभी भी ना छुएं। स्नान करने के बाद ही रुद्राक्ष धारण करें। 
  • रुद्राक्ष को हमेशा लाल या पीले रंग के धागे में ही धारण करें।  इसे कभी काले धागे में नहीं पहनें। 
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