मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
मां के दूसरे स्वरूप को ब्रह्मचारिणी कहा जाता है, नवरात्रि के दूसरे दिन इन्हीं की पूजा का विधान है। इनके एक हाथ में कमल तो दूसरे हाथ में जाप की माला है। इनके नाम का अर्थ होता है तप का आचरण करने वाली। इनके नाम के अनुसार ही इनकी पूजा करने से साधक का मन स्थिर होता है। इनको शक्कर, मिश्री का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे घर के सदस्यों की आयु लंबी होती है।