फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्रि 2026: माता की चौकी सजाते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा और नियम

Tue, 06 Oct 2026 12:31 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

मान्यता है कि नवरात्रि के पूजा स्थल की दिशा और उसकी व्यवस्था का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। ऐसे में चौकी स्थापित करने से लेकर अखंड ज्योत रखने तक कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं नवरात्रि में माता की चौकी से जुड़े वास्तु और पूजा के जरूरी नियम।
विज्ञापन
1 of 5
माता की चौकी सजाने के नियम - फोटो : AI
शारदीय नवरात्रि के दिनों में घरों में मां दुर्गा की पूजा के लिए कलश स्थापना के साथ माता की चौकी भी सजाई जाती है। मान्यता है कि पूजा स्थल की दिशा और उसकी व्यवस्था का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। ऐसे में चौकी स्थापित करने से लेकर अखंड ज्योत रखने तक कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं नवरात्रि में माता की चौकी से जुड़े वास्तु और पूजा के जरूरी नियम।

शारदीय नवरात्रि 2026
हर साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। वर्ष 2026 में नवरात्रि 11 अक्तूबर से शुरू होकर 19 अक्तूबर तक चलेगी। इसके बाद 20 अक्तूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
किस दिशा में रखें माता की चौकी? - फोटो : adobe
किस दिशा में रखें माता की चौकी?
वास्तु के अनुसार, पूजा-पाठ के लिए घर का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। इसलिए संभव हो तो इसी दिशा में माता की चौकी स्थापित करें। यदि उत्तर-पूर्व दिशा में जगह उपलब्ध नहीं है, तो पूजा के लिए उत्तर या पूर्व दिशा भी चुनी जा सकती है। पूजा करते समय साधक का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो, तो इसे भी शुभ माना जाता है।
विज्ञापन

3 of 5
चौकी स्थापित करने से पहले रखें स्वच्छता का ध्यान - फोटो : adobe stock
चौकी स्थापित करने से पहले रखें स्वच्छता का ध्यान
माता की चौकी रखने से पहले पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद लकड़ी की चौकी पर स्वच्छ लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। पूजा की जगह के आसपास गंदगी, जूते-चप्पल, झाड़ू, बेकार सामान या कबाड़ आदि नहीं रखना चाहिए। इससे पूजा स्थल साफ-सुथरा और व्यवस्थित बना रहेगा।
 

4 of 5
अखंड ज्योत रखते समय इन बातों का रखें ध्यान - फोटो : adobe stock
पूजा सामग्री की शुद्धता भी जरूरी
चौकी सजाते समय मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर, कलश और अन्य पूजा सामग्री की स्थिति देख लें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा स्थल पर टूटी या खंडित प्रतिमा रखना उचित नहीं माना जाता। इसलिए नवरात्रि की पूजा शुरू करने से पहले सभी जरूरी सामग्रियों को जांचकर ही चौकी सजाएं।

अखंड ज्योत रखते समय इन बातों का रखें ध्यान
यदि आपने पूरे नौ दिनों तक अखंड ज्योत जलाने का संकल्प लिया है, तो दीपक के स्थान को लेकर विशेष सावधानी बरतें। दीपक को पर्दे, कागज, कपड़े और दूसरी ज्वलनशील वस्तुओं से पर्याप्त दूरी पर रखें। इसे ऐसी जगह रखना चाहिए जहां तेज हवा सीधे न आती हो और आसपास पर्याप्त खाली व सुरक्षित स्थान मौजूद हो। सुरक्षा की दृष्टि से दीपक को स्थिर और मजबूत स्थान पर रखना भी जरूरी है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
चौकी पर अर्पित फूलों की भी करें सफाई - फोटो : adobe
चौकी पर अर्पित फूलों की भी करें सफाई
मां दुर्गा को पूजा में ताजे फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। चौकी पर रखे पुराने और मुरझाए फूलों को लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। उन्हें समय-समय पर हटाकर पूजा स्थल को साफ और व्यवस्थित रखें। माता की चौकी ऐसी जगह स्थापित करना बेहतर है जहां बार-बार लोगों की आवाजाही न हो और पूजा के दौरान शांति बनी रहे।

शारदीय नवरात्रि 2026: 10 या 11 अक्तूबर कब शुरू होगा नवरात्रि? जानें सही तिथि और कलश स्थापना का समय

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें