मंगला गौरी व्रत की पूजा विधि
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पूजा के दौरान माता पार्वती को लाल वस्त्र अर्पित करें और आटे का दीपक बनाकर प्रज्वलित करें। इसके बाद विधिपूर्वक शिव-पार्वती की पूजा करें और मंत्रों का जाप करें। व्रत में 16 संख्या का विशेष महत्व होता है, इसलिए पान, सुपारी, इलायची, लौंग, फल, फूल, मिठाई आदि 16 प्रकार की सामग्री अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही माता को सुहाग का सामान भी चढ़ाएं।
पूजन के बाद आरती करें और पांच प्रकार के मेवे तथा सात प्रकार के अन्न अर्पित करें। इसके पश्चात मंगला गौरी व्रत कथा का पाठ अवश्य करें। पूजा समाप्त होने पर प्रसाद परिवारजनों में वितरित करें और अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को दान दें।