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Maghi Purnima 2024: माघी पूर्णिमा आज, जानें स्नान दान का महत्व और पूजन विधि

Sat, 24 Feb 2024 07:13 AM IST
श्वेता सिंह पं. मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य
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माघी पूर्णिमा 2024 - फोटो : अमर उजाला
Maghi Purnima 2024: माघी पूर्णिमा 24 फरवरी शनिवार को है। माघ माह की पूर्णिमा तिथि का प्रारम्भ 23 फरवरी को दोपहर 03 बजकर 33 मिनट पर हो रहा है। साथ ही पूर्णिमा तिथि का समापन 24 फरवरी को शाम 05 बजकर 59 मिनट पर होगा। इस प्रकार उदया तिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा 24 फरवरी, शनिवार के दिन को मान्य होगी। पुराणों में इस संबंध में बताया गया है कि माघी पूर्णिमा पर भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से शोभायमान होकर अमृत की वर्षा करते हैं। इसके अंश वृक्षों, नदियों, जलाशयों और वनस्पतियों में होते हैं इसलिए इनमें सारे रोगों से मुक्ति दिलाने वाले गुण उत्पन्न होते हैं। 

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माघ पूर्णिमा 2024 - फोटो : अमर उजाला।
माघ पूर्णिमा का ज्योतिषीय महत्व 
वैदिक ज्योतिष के अनुसार माघ पूर्णिमा में स्नान दान करने से सूर्य और चंद्रमा युक्त दोषों से मुक्ति मिलती है। इसलिए इस दिन गंगा नदी में स्नान करना चाहिए। यदि ऐसा न हो सके तो घर में ही पानी में गंगाजल डालकर नहा लेना चाहिए। इसके अलावा गंगाजल का आचमन यानी हथेली में थोड़ा सा गंगाजल पी लेने से भी पुण्य मिलता है। माघी पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करना चाहिए। इससे हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं।
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माघ पूर्णिमा 2024 - फोटो : प्रयागराज
माघी पूर्णिमा पर स्नान का महत्व  
मान्यता है कि माघी पूर्णिमा पर देवता भी रूप बदलकर गंगा स्नान के लिए प्रयाग आते हैं। इसलिए इस तिथि का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है, जो श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग में एक मास तक कल्पवास करते हैं। माघी पूर्णिमा पर उनके व्रत का समापन होता है। सभी कल्पवासी माघी पूर्णिमा पर माता गंगा की आरती पूजन करके साधु संन्यासियों और ब्राह्मणों को भोजन कराते हैं। बची हुई सामग्री का दान कर देवी गंगा से फिर बुलाने का निवेदन कर अपने घर जाते हैं। कहते हैं कि माघ पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में नदी स्नान करने से रोग दूर होते हैं। 

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माघ पूर्णिमा 2024 - फोटो : VRINDAVAN
पितरों का तर्पण 
इस दिन तिल और कंबल का दान करने से मृत्युलोक से मुक्ति मिलती है। इस दिन काले तिल से हवन और काले तिल से ही पितरों को तपर्ण करना चाहिए। इससे पितरों की अतृप्त आत्मा को शांति मिलती है। मकर संक्रान्ति के समान ही माघी पूर्णिमा के दिन तिल के दान और तिल से बने खाद्य पदार्थों के सेवन का विशेष महत्व माना जाता है। माघी पूर्णिमा का व्रत करने से सुख-सौभाग्य, धन-संतान तथा स्वास्थ्य सुख की प्राप्ति होती है।
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माघ पूर्णिमा 2024 - फोटो : अमर उजाला
माघी पूर्णिमा की पूजन विधि 
  • माघी पूर्णिमा की सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें। 
  • फिर पितरों का श्राद्ध कर ब्राह्मणों को भोजन, वस्त्र, तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, फल, अन्न आदि का दान करें। 
  • इस दिन गौ दान का विशेष फल प्राप्त होता है। 
  • इसी दिन संयमपूर्वक आचरण कर व्रत करें। 
  • दिन भर कुछ न खाएं, संभव न हो तो एक समय फलाहार कर सकते हैं 
  • इस दिन किसी पर क्रोध नहीं करना चाहिए। 
  • गरीबों एवं जरुरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। 
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