हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं में भगवान गणेश का रूप सबसे निराला है। भगवान गणेश सर्वप्रथम पूजनीय देवता माने जाते हैं। ऐसे में किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य करने से पहले विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा और वंदना की जाती है। हर तरह की पूजा और अनुष्ठान में सबसे पहले इनका आवाहन किया जाता है, ताकि शुभ कार्य निर्विघ्न पूरा हो सके। सनातन धर्म में भगवान गणेश को सुख-समृद्धि,मंगलकर्ता और निध्नहर्ता माना जाता है और बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश की पूजा करने से विध्न दूर होते हैं और सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती है। भगवान गणेश को मोदक, दूर्वा, पान और सिंदूर बहुत ही प्रिय होती है। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिसे भगवान गणेशी की पूजा में अर्पित करना वर्जित माना जाता है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी चीजें भगवान गणेश की पूजा के दौरान नहीं चढ़ाना चाहिए।
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Lord Ganesha: कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने से पहले विघ्नहर्ता भगवान गणेश की वंदना की जाती है।
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तुलसी के पत्ते
शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश की पूजा और वंदना में तुलसी के पत्तों का प्रयोग करना वर्जित होता है। जो भक्त भगवान गणेश को तुलसी अर्पित करते हैं उनकी पूजा कभी भी स्वीकार नहीं होती है। पौराणिक कथा के अनुसार देवी तुलसी श्रीगणेश के सुंदर स्वरूप को देखकर उन पर मोहित हो गईं। उनके मन में गणेश से विवाह करने की इच्छा जाग्रित हुई। तुलसी ने विवाह की इच्छा से उनका ध्यान भंग किया। तब भगवान श्री गणेश ने तुलसी द्वारा तप भंग करने को अशुभ बताया और तुलसी की मंशा जानकर स्वयं को ब्रह्मचारी बताकर उसके विवाह प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। विवाह प्रस्ताव ठुकराने पर तुलसीजी ने नाराज होकर गणेशजी को शाप दिया कि उनके एक नहीं बल्कि दो-दो विवाह होंगे। इसकी वजह से भगवान श्री गणेश जी की पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना गया है।
केतकी का फूल
भगवान गणेश जी को कभी भी केतकी के फूल को उन्हें अर्पित नहीं करना चाहिए। भगवान गणेश को दूर्वा, गुलाब और गेंदे का फूल बहुत ही प्रिय होते हैं।
चंद्रदेव से जुड़ी चीजें
शास्त्रों के अनुसार चंद्रदेव और भगवान गणेश की आपस में मित्रता का भाव नहीं रहता है। दरअसर एक बार चंद्रदेव ने भगवान गणेश की सूरत को देखकर उनका उपहास किया था जिससे क्रोधित होकर भगवान गणेशजी ने चंद्रदेव की सुंदरता को खत्म होने का शाप दे दिया था। इस कारण से भगवान गणेश की पूजा उन चीजों को नहीं चढ़ाना चाहिए जो चंद्रदेव को प्रिय होती है।